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मोदी सरकार का मजदूरों को तोहफा, अब महानगरों में आवास का झंझट खत्म

प्रकाशित Tue, 18, 2019 पर 12:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली मोदी सरकार ने एक नारा ये भी दिया था कि सबको घर। इस नारे को साकार करने के लिए मोदी सरकार ने पहल शुरु कर दी है।  सरकार ने महानगरों में गरीबों की सुध लेनी शुरु कर दी है। सरकार एक प्रस्ताव तैयार कर रही है। जिसके तहत देश के मेट्रो शहरों के गरीबों और मजदूरों को पक्का मकान किराए से मिल सकेगा। जहां सारी बुनियादी सुविधाएं मौजूद रहेंगी।


 दरअसल आवास और शहरी मामलो के मंत्रालय एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस प्रस्ताव के तहत 3 लाख सालाना या उससे कम आमदनी वाले गरीब, मजदूरों को महागनरों में एक कमरा किराए से देने की योजना तैयार की है। मंत्रालय इस योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ जोड़ देगा। इस योजना झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोगों को भी मुख्यधारा से जोड़ा सकता है। जिन्हें साफ पानी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।


इकॉनोमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, सिंगल रूम की ऊंची इमारते तैयार की जाएंगी। जिसमें झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को किराए स घर दिए जाएंगे। इस योजना में उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जो गांवों से रोजी रोटी के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करते हैं। उनके पास इतने पैसे नहीं होते, कि बड़े महानगरों में अच्छा सा किराए का घर या अपना घर ले सकें। यह योजना आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और श्रम मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।



सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को शुरु करने के लिए शुरुआती दौर में मजदूर फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड बनाय़आ जाएगा। जिसका संचालन आवास और शहरी मंत्रालय करेगा।



इसका एक दूसरा मॉडल ये है कि निजी कंपनियों को भी मकान निर्माण की अनुमति दी जाएगी। उन्हें कुछ हिस्से में कमर्शियल की परमिशन दी जाएगी। बाकी के लिए मजदूरों के लिए आरक्षित रहेगाष लेकिन हाउसिंग फॉर ऑल में किराए की नीति मुख्य रूप से हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से काम करेगी।



सरकार की यह योजना वाउचर स्कीम के तहत चलाई जाएगी। जिसमें शहरी या लोकल बॉडी सबसे पहले 3 लाख से कम आमदनी वालों का रजिस्ट्रेशन करेगी। इसके बाद उन्हें वाउचर बांटे जाएंगे। किराएदार इन वाउचर्स को हाउसिंग बोर्ड में देगा। जबकि निजी डेवलेपर के मामले में, किराया वाउचर किसी भी नागरिक सेवा ब्यूरो में रिडीम किए जाएंगे।