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RIL के आने से रिटेल मार्केट का होगा काया पलट

प्रकाशित Mon, 13, 2019 पर 10:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रिटेल मार्केट में भी बहार आने की उम्मीद जाग गई है। ये एक ऐसा मार्केट है जहां असंगठित हिस्सेदारी सबसे अधिक है। मुकेश अंबानी की कंपनी RIL के रिटेल मार्केट में उतरने से एक नया रिवॉल्यूशन होता दिख रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक RIL की एंट्री से डिजिटल स्टोर की संख्या 2023 तक 50 लाख से अधिक हो जायेगी।




देश का रिटोल मार्केट तकरीबन 700 अरब डॉलर का है। इसके स्टोर भी अपने आप को डिजिटाइजेशन के इस युग में शामिल कर रहे हैं। जीएसटी आने से रिटेल मार्केट को आगे बढ़ने में सहायता मिल रही है। जिससे रिटेल मार्केट को भी मॉडर्नन होने का दबाव बढ़ गया है। रिलायंस पूरी दुनिया में ऑनलाइन-टू ऑफलाइन ई कॉमर्स मंच तैयार कर रहा है। रिलायंस अपनी तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए मोहल्ले में मौजूद किराना की दुकानों को जियो मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल के जरिए अपने 4 जी नेटवर्क से जोड़ने के अवसर तलाश रही है। जिसका इस्तेमाल उपभोक्ताओं की सप्लाई करने में किया जाएगा।




RIL के इस कदम से स्नैपबिज, नक्कड़ शॉप्स और ग्रोफुगल जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस महज तीन हजार रुपये में मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें दे रही है। जबकि स्नैपबिज 50 हजार रुपये और नुक्कड़ शॉप्स की मशीनें 30 हजार रुपये से 55 हजार रुपये तक की कीमत में मिल रही हैं। इसके अलावा ग्रोफुल के लिए तो 15 हजार से एक लाख रुपये तक भुगातान करना पड़ता है।




कुल मिलाकर रिलायंस के रिटेल मार्केट में आने से दुकानदारों में डिजिटलीकरण को अपनाने के लिए होड़ मच सकती है। लिहाजा डिजाटाइजेशन बढ़ने से उम्मीद है कि रिलायंस के अभी के 15 हज़ार डिजिटल स्टोर की संख्या 2023 तक में 50 लाख पार हो जाएंगे।