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रॉबिनहुड आर्मी की अनोखी मुहिम, भूख-कुपोषण के खिलाफ जंग

ये रॉबिन्स शहर के बड़े होटल और रेस्टोरेंट से बचा हुआ खाना लेते हैं और ये खाना जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं।
अपडेटेड Aug 16, 2019 पर 15:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एक तरफ लोग भूखमरी से जूझ रहे हैं तो दूसरी तरफ बचे हुए खाने की बरबादी हो रही है। इस दूरी को मिटाने की कोशिश में जुटी है रॉबिनहुड आर्मी। इनके काम की तरह आजादी का जश्न मनाने का इनका अंदाज भी अनोखा है, कैसे आइए जानते हैं।


अंग्रेजों से आजाद हुए तो हमारे देश को कई साल हो गए लेकिन क्या हम अपने देश को भुखमरी, कुपोषण और गरीबी से आजाद कर पाए हैं? इसी को मिटाने के लिए NGO रॉबिनहुड आर्मी ने मुहिम शुरू की है। आपने रॉबिन हुड का नाम तो जरूर सुना होगा, अमीरों से लेकर गरीबों में बांटने वाले रॉबिन हुड की सोच को कुछ युवाओं की टीम सच में बदल रही है। रॉबिन हुड आर्मी नाम के इस बैंड को युवा लड़के और लड़कियों की टीम चला रही है जिसमें ये लोग होटलों और शादियों में बचे खाने को जरूरतमंद और गरीब लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इस टीम के ज्यादातर लोग स्टूडेंट या कहीं नौकरी करने वाले हैं।


खाने को बर्बाद होने से बचाने और उसे जरूरतमंद तक पहुंचा भूख मरी को खत्म करने के लिए शुरू की इस पहल से लोग जुड़ते चले गए और आज हजारों लोगों की टीम जरूरतमंदों को खाना खिलाने में जुटी हुई है। 15 अगस्त के मौके पर रॉबिनहुड आर्मी ने 5 दिनों तक फुड ड्राइव की शुरुआत की है जो मुंबई के अलग अलग जगहों पर जाकर जरूरतमंद लोगों को खाना पहुंचा रही है।


8 में से हर 1 इंसान हर रात भूखा सोने पर मजबूर होता है और हम सरकार को कोसते हैं लेकिन रॉबिनहुड आर्मी ने सरकार को कोसने के बजाए, आगे आई और गरीबों के भूख मिटाने की कोशिश कर रही है। आइए जानते हैं आप कैसे इस मुहिम से जुड़ सकते हैं।


होटलों में खाना बचने के बाद वेस्ट न हो इसलिए होटलों में खाना बचने के बाद अपने वाहनों से जाकर ले आते हैं। फिर शहर की कई जगहों पर गरीब लोगों को खिलाते हैं। इसके लिए रॉबिनहुड आर्मी के नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया है। होटल से खाने के लिए फोन आने पर वाट्सएप पर उसे अपडेट कर देते हैं। इसके बाद सभी लोग अपने वाहन लेकर होटल पहुंचते हैं और बचा खाना लेकर गरीब जरूरतमंदों को बांट देते हैं। सितंबर 2014 में भारत में रॉबिनहुड आर्मी की शुरुआत की और अब भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 7 देशों में कार्यरत है।


रॉबिनहुड आर्मी से जुड़े युवा आपके और हमारे बीच के ही यूथ्स हैं, इन्हें रॉबिन्स कहा जाता है। ये रॉबिन्स शहर के बड़े होटल और रेस्टोरेंट से बचा हुआ खाना लेते हैं और ये खाना जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं। रॉबिन्स की फूड ड्राइव ज्यादातर संडे को रखी जाती है ताक‌ि ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंच सकें, वहीं कुछ बड़े मौकों पर ये हेल्थ कैंप्स ऑर्गनाइज करते हैं। युवा न तो किसी से पैसा लेते हैं और न ही देते हैं। कोई इनकी आर्थिक मदद भी करना चाहता है तो मदद के बजाय उनसे गरीबों के लिए भोजन मांगते हैं।


तो देखा आपने किस तरह से रॉबिनहुड आर्मी गरीबों की भूख मिटाने की कोशिश कर रहा है, यदि हम और आप एक एक कदम बढ़ाकर आगे आएं, तो वो दिन दूर नहीं, जब हमारा देश गरीबी, कुपोषण से भी आजाद हो जाएगा।


 


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