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Lockdwon की वजह से राज्यों को अप्रैल में 97100 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान

लॉकडाउन से राज्यों पर भारी असर पड़ा है। इससे राज्यों का भारी राजस्व डूब गया है। सूत्रों ने कहा है कि महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को राजस्व पर 65 से 76 फीसदी नुकसान उठाना पड़ा है।
अपडेटेड May 14, 2020 पर 16:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस से बचने के लिए देश भर में लॉकडाउन जारी है। इससे तमाम उद्योग धंधे भी बंद पड़े हैं। इस लॉकडाउन के कारण केंद्र के साथ ही राज्यों को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ राज्यों को अप्रैल महीने में 97100 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिससे उनके खजानों पर काफी बुरा असर पड़ा है।


महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक लॉकडाउन ने उत्पादन, आपूर्ति और व्यापार को पूरी तरह से ठप कर दिया है। विमानन, पर्यटन, होटल और सेवा क्षेत्र अभी भी बंद हैं। अगले हफ्ते से हालांकि आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की उम्मीद है, लेकिन अगस्त के बाद ही अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र सहित देश के प्रमुख 21 राज्यों को अकेले अप्रैल में राजस्व में 97,100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।


लॉकडाउन से राज्यों पर भारी असर पड़ा है। इससे राज्यों का भारी राजस्व डूब गया है। सूत्रों ने कहा है कि महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को राजस्व पर 65 से 76 फीसदी नुकसान उठाना पड़ा है। गुजरात को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। गुजरात को 76 प्रतिशत राजस्व का घाटा हुआ है। तेलंगाना को 75 प्रतिशत, हरियाणा को 74.7 प्रतिशत, कर्नाटक को 71.4 प्रतिशत, तमिलनाडु को 70.4 प्रतिशत, महाराष्ट्र को 69.8 प्रतिशत, केरल को 69.9 प्रतिशत और गोवा को 66.9 प्रतिशत राजस्व का नुकसान हुआ है।


बड़े पैमाने पर राजस्व की कमी के कारण राज्य के खजाने कमजोरी की हालत में हैं। इसलिए राज्यों को खर्च में कटौती करने की नौबत आन पड़ी है। लेकिन मई में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में कुछ रियायतें दी हैं। उसके अनुसार कई राज्यों ने शराब की बिक्री की अनुमति दी है। इसके साथ ही कुछ राज्यों ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाया है। इससे कुछ हद तक उनके राजस्व में वृद्धि और स्थिति में सुधार की उम्मीद है।


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