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अगस्त के बाद moratorium की जरूरत नहीं: SBI चेयरमैन रजनीश कुमार

उन्होंने आगे कहा कि यदि मुझसे पूछा जाये तो मैं कहुंगा कि एक्रॉस द बोर्ड मोराटोरियम की जरूरत नहीं हैं। हालांकि कुछ सेक्टर्स को राहत की जरूरत हो सकती है। इसके लिए RBI अपने पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ऐसे सेक्टर्स के लिए उचित कदम उठायेगी।
अपडेटेड Jul 12, 2020 पर 09:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि लोन चुकाने के लिए मोराटोरियम पर एक्रॉस द बोर्ड विस्तार की जरूरत नहीं होगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कुछ सेक्टर्स को अभी भी सहायता की जरूरत है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस संबंध में उचित कदम उठायेगी। इसके पहले RBI ने मार्च में सभी प्रकार के टर्म लोन को चुकाने के लिए तीन महीनों का मोराटोरियम घोषित किया था जिसे बाद में और 3 महीना बढ़ाते हुए 31 अगस्त तक की मोहलत दी थी।


रजनीश कुमार ने 7वें एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि यद्यपि ये कहना जल्दबाजी होगी कि मोराटोरियम पर एक और विस्तार मिल सकता है फिर भी भी RBI के पास सिस्टम से आंकड़े उपलब्ध होंगे जिसके आधार पर वे उचित निर्णय लेंगे।


उन्होंने आगे कहा कि यदि मुझसे पूछा जाये तो मैं कहुंगा कि एक्रॉस द बोर्ड मोराटोरियम की जरूरत नहीं हैं। हालांकि कुछ सेक्टर्स को राहत की जरूरत हो सकती है। इसके लिए RBI अपने पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ऐसे सेक्टर्स के लिए उचित कदम उठायेगी।


उन्होंने कहा कि कुछ सेक्टर्स जैसे एविएशन, टूरिज्म, होटल, जेम एंड ज्वैलरी को मदद की आवश्यकता हो सकती है। एसबीआई की बात करें तो यहां मोराटोरियम सुविधा का लाभ उठाने वालों की संख्या बहुत अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही के रिजल्ट के दौरान करीब 21 प्रतिशत रिटेल कर्जदारों ने तीन महीनों के मोराटोरियम का लाभ उठाया है।


एसेट क्वालिटी पर कुमार ने कहा कि इस स्तर पर अभी कुछ कहना मुश्किल है पंरतु मोराटोरियम के लिए एसबीआई के आंकड़ों पर नजर डाले तो स्थिति ठीक-ठाक है। मुझे लगता है कि लोग अपनी देयताओं को बढ़ाने के संबंध मे बहुत सावधानी बरत रहे हैं।


कुमार ने कहा कि रिटेल कर्जदाता अपनी देयताएं बढ़ाने से परहेज कर रहे हैं और उसको चुका रहे हैं। यहां तक कि मोराटोरियम की सुविधा लेने वाले कॉर्पोरेट कर्जदाताओं का भी उद्देश्य केवल कैश बचा कर रखना है।


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