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411 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्टर के भागने के बाद SBI को आया होश, CBI से की शिकायत

एसबीआई की शिकायत में कहा गया है कि डिफॉल्टर कंपनी के पास हरियाणा के करनाल जिले में 3 राइस मिल और 8 सोर्टिंग और ग्रेडिंग ईकाईयां है। कारोबार चलाने के लिए सउदी अरब और दुबई के ऑफिस भी है।
अपडेटेड May 10, 2020 पर 16:14  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकारी अधिकारियों से शनिवार को मिली जानकारी के मुताबिक हालही में सीबीआई (CBI) द्वारा पकड़े गए रामदेव इंटरनेशनल के तीन प्रमोटर देश छोड़कर भाग गए हैं। इनके भागने के बाद एसबीआई ने सीबीआई से इस बात की शिकायत की है। रामदेव इंटरनेशनल के इन प्रमोटरों को सीबीआई ने 6 बैंकों के कंसोर्शियम को 411 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में पकड़ा था।


सीबीआई ने हालही में पश्चिम एशिया और यूरोपियन देशों में बासमती चावल निर्यात करने वाली इस कंपनी के डायरेक्टरों नरेश कुमार, सुरेश कुमार और संगीता को एसबीआई की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया था। बता दें कि ऊपर उल्लिखित बैंकों के कंसोर्शियम में एसबीआई भी शामिल है जिसको  411 करोड़ रुपये के कुल घोटाले में 173 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा का नुकसान हुआ है।


एसबीआई की शिकायत में कहा गया है कि हरियाणा स्थित उक्त कंपनी के पास करनाल जिले में 3 राइस मिल और 8 सॉर्टिंग और ग्रेडिंग इकाईयां हैं।


एसबीआई के अलावा बैंकों के इस कंसोर्शियम में केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और कॉर्पोरेशन बैंक शामिल हैं।


कोरोना वायरस को देखते हुए देश भर में लागू लॉकडाउन की वजह से सीबीआई इन लोगों की खोज में कोई सर्च ऑपरेशन भी नहीं चला पाई। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई जांच में मदद ना करने की स्थिति में आरोपियों समन भेजेगी और उनके खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।


एसबीआई द्वारा किए शिकायत के मुताबिक 27 जनवरी 2016 को ही उस अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया गया था।


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