एएसएम लीक पर सेबी ने बैठाई जांच -
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एएसएम लीक पर सेबी ने बैठाई जांच

प्रकाशित Thu, 07, 2018 पर 08:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

विशेष निगरानी वाले या एएसएम शेयर पर एक्सचेंजों के एक्शन से पहले गिरावट कैसे आई, इस बात की जांच करने के लिए सेबी ने आदेश दे दिए हैं। सेबी ने इसके लिए बाकायदा एक प्रेस रीलीज जारी की है।


बता दें कि मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 111 कंपनियों की जो अडिशनल सर्विलांस मेजर यानि एएसएम की लिस्ट जारी की है, उसके पहले ही लीक होने का शक है। सूत्रों का कहना है कि ब्रोकर्स और ट्रेडर्स को एएसएम लिस्ट में शामिल कंपनियों के नाम पहले पता थे। मुंबई और गुजरात के ब्रोकर्स को पहले से जानकारी थी।


गौरतलब है कि 31 मई को बाजार बंद होने के बाद एएमएस लिस्ट जारी हुई थी और 31 मई को ही ए ग्रुप शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी। 31 मई को बाजार में तेजी के बावजूद एएसएम लिस्ट में शामिल शेयर टूटे थे। ज्यादा वॉल्यूम वाले शेयरों पर खास फोकस किया गया और शॉर्ट पोजीशन काटने के लिए ट्रेडर्स ने इस तरह का कदम उठाया था। शॉर्ट कवरिंग के चलते निचले स्तरों से शेयर सुधरे थे। माना जा रहा है कि सेबी वॉल्यूम में तेज उछाल की जांच कर सकता है।


एएसएम लिस्ट में शामिल वाले कुछ प्रमुख शेयर हैं बॉम्बे डाईंग, भंसाली इंजीनियरिंग, एपेक्स फ्रोजेन, दिलीप बिल्डकॉन, गोवा कार्बन, गोल्डस्टोन इंफ्रा, ग्रेफाइट, एचईजी, एचआईएल, इंडियाबुल्स वेंचर्स, रेडिको खेतान, रेन इंडस्ट्रीज, प्रकाश इंडस्ट्रीज, सोरिल हाल्डिंग और वेंकीज।


एएसएम लिस्ट लीक की जांच के फैसले को जानकार अच्छा कदम मानते हैं। सिट्रस एडवाइजर्स के फाउंडर संजय सिन्हा का मानना है कि रिटेल निवेशकों के साथ नाइनसाफी हुई है। किसी एक समूह को दूसरों से ज्यादा जानकारी नहीं मिलनी चाहिए। मिडकैप में रिटेल निवेशकों की ज्यादा भागीदारी हेती है। कम जानकारी की वजह से रिटेल निवेशकों का नुकसान होना गलत बात है।


एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी के शर्मा ने इसे सेबी का अच्छा फैसला बताया। उनका कहना है कि सेबी के इस कदम से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।