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AGR मामले में PSUs को राहत के संकेत, सरकार सुप्रीम कोर्ट में दायर कर सकती है क्लेरिफिकेशन याचिका !

AGR मामले में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को राहत मिलने के संकेत हैं।
अपडेटेड Jan 18, 2020 पर 14:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

AGR मामले में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को राहत मिलने के संकेत हैं। इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट में क्लेरिफिकेशन याचिका दायर करने पर विचार कर रही है।  सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक GAIL, POWER GRID, Gujarat Fert को AGR से राहत मिल सकती है। इसके लिए सरकार SC में clarification पिटीशन दायर करेगी। इसके पीछे का तर्क है कि PSUs की लाइसेंस शर्तें टेलीकॉम कंपनियों से अलग हैं। लाइसेंस के मुताबिक PSUs को पूरी आय पर AGR यानि Adjusted Gross Revenues नहीं देना है। अगले हफ्ते इस पर SC में clarification पिटीशन दायर हो सकती है। बता दें कि कंपनियों को 23 जनवरी तक DoT को रकम चुकानी है।


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारती Bharti Airtel और Vodafone Idea की AGR पर दायर याचिका खारिज कर दी थी। AGR को लेकर सरकार और टेलीकॉम कंपनियों के बीच पिछले 14 साल से विवाद चल रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए टेलीकॉम कंपनियों को 92,000 करोड़ रुपए देने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एयरटेल और वोडाफोन-आईडिया ने याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की एक तीन सदस्यीय बेंच ने AGR को परिभाषित किया। AGR की यही परिभाषा टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने दी है। AGR के मायने लाइसेंस होल्डर कंपनी की कुल आमदनी जिसमें रेंट, डिविडेंड और इंटरेस्ट इनकम जैसे नॉन-कोर टेलीकॉम ऑपरेशंस भी शामिल है। लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम चार्ज के लिए AGR को बेस माना जाता है।


 


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