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स्मार्टफोन खरीदना होगा महंगा, कंपोनेंट्स की कॉस्ट में आ रही तेजी

स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले पैनल, बैक पैनल जैसी कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ रही है। डॉलर के मजबूत होने का भी पड़ रहा असर
अपडेटेड May 12, 2021 पर 09:58  |  स्रोत : Moneycontrol.com

स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ने शुरू हो गई हैं। इसके पीछे कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ना और चिप की दुनिया भर में कमी बड़े हैं। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर शाओमी इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, "स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले पैनल, बैक पैनल, बैटरी पैक जैसे कंपोनेंट्स की कॉस्ट पिछले कुछ महीने में बढ़ी है। इसके साथ ही डॉलर भी मजबूत हो रहा है।"


हालांकि, शाओमी का दावा है कि वह कम प्राइस वाले स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं करेगी और उसकी किसी भी प्रोडक्ट पर 5 प्रतिशत से अधिक प्रॉफिट कमाने की योजना नहीं है।


एक मोबाइल फोन डीलर ने मनीकंट्रोल को बताया कि पिछले कुछ सप्ताह में शाओमी नोट 10 का प्राइस लगभग 500 रुपये बढ़ा है।


चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर है लेकिन इसके लिए वह चिप या सेमीकंडक्टर के इम्पोर्ट पर निर्भर है।


दुनिया में सेमीकंडक्टर का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरर ताइवान बढ़ती डिमांड को पूरा नहीं कर पा रहा। चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यह कमी अगले वर्ष भी जारी रहेगी। चिप की डिमांड  5G टेक्नोलॉजी आने के बाद और बढ़ने की संभावना है।


टेक्नोलॉजी मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरप्वाइंट रिसर्च का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए पुराने मॉडल्स की कीमत में 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी तय है।


इस बारे में मनीकंट्रोल की ओर से भेजे गए प्रश्नों का सैमसंग ने उत्तर नहीं दिया। हाल ही में सैमसंग की एनुअल शेयरहोल्डर्स मीटिंग में चिप की कमी की जानकारी दी गई थी।


इस वर्ष के पहले क्वॉर्टर में देश में स्मार्टफोन की 3.8 करोड़ से अधिक शिपमेंट दर्ज की गई थी। यह वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 23 प्रतिशत की ग्रोथ है। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर से हो रही तबाही के कारण आने वाले क्वॉर्टर्स में स्मार्टफोन की बिक्री में कुछ कमी आने की आशंका है।