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सोलर पावर में बनेंगे आत्मनिर्भर, पैनल बनाने का इंफ्रा तैयार करेगी सरकार: Power Minister

लॉकडाउन से इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर का चक्का जाम हुआ है जिसे देखते हुए इस सेक्टर को 90000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया।
अपडेटेड May 17, 2020 पर 15:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जब से लॉकडाउन शुरु हुआ है पावर सेक्टर में दिक्कत ये हो गई कि डिमांड काफी हद तक कम हो गई। अब उस डिमांड को फिर से पटरी पर लाने और पावर सेक्टर में रिफॉर्म के लिए सरकार ने 90 हजार करोड़ रुपए देने का फैसला लिया है।


ये 90 हजार करोड़ रुपए खासतौर से DISCOM में सुधार पर खर्च होंगे लेकिन ये किस तरह से काम करेगा। इसपर विस्तार से बातचीत करते हुए पावर मिनिस्टर RK SINGH का कहना है कि  लॉकडाउन से इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर का चक्का जाम हुआ है जिसे देखते हुए इस सेक्टर को 90000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया।


उन्होंने आगे कहा कि इस सेक्टर में डोमेस्टिक सेक्टर से भी रेवेन्यू बंद हुआ है। कोरोना संक्रमण के बीच देश भर में लागू लॉकडाउन के बावजूद बिजली की सप्लाई जारी रही है। इस सेक्टर को दिए गए राहत पैकेज से डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को सस्ती दरों पर 10 साल के लिए RIN देंगे। सेक्टर में लिक्विडिटी लाने की कोशिश रहेगी। बकाए पर लेट पेमेंट  12-18% सरचार्ज होगा। RIN 8.5-9% 10 साल के लिए 2 साल का मोराटोरियम मिलेगा और इससे DISCOM को काफी मदद मिलेगी। लॉकडाउन के फिक्स चार्जेस 3 किस्त में बिना ब्याज देने की तरतूद है। आम उपभोक्ताओं को पावर कॉस्ट में 20-25% छूट मिलेगी।


DISCOM के बकाए के सेटलमेंट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कंपनियां भारी दबाव में है।  राहत पैकेज के ऐलान से जेनरेशन कंपनियों के बकाया का भुगतान होगा और पूरे सेक्टर को राहत मिलेगी।


पावर सेक्टर में रिफॉर्म कैसे लागू होगा इसपर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों का बकाया 54 हजार करोड़ रुपये है।  पावर चार्जेस का पेमेंट हर महीने करने की व्यवस्था हो रही है। राज्य सरकार के डिपार्टमेंट को प्री-पेड सिस्टम पर डाला गया है जिसके चलते राज्य सरकार सब्सिडी राशि तुरंत दे


सोलर पावर में कैसे बनेंगे आत्मनिर्भर इस सवाल का जवाब देते हुए पावर मिनिस्टर RK SINGH ने कहा कि सोलर पावर में भारत की ताकत है। 3000 MWT के सेल, 10 हजार MWT के मॉड्यूल बनते हैं।  मैन्युफैक्चरिंग लिंक बिड/ कामयाब है। देश में 1000 MWT सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता है। VGF स्कीम- Viability Gap Funding सरकार जल्द शुरु होगी। उन्होंने आगे कहा कि 2022 से इंपोर्टेड सेल, मॉड्यूल पर 30% तक कस्टम ड्यूटी लगेगी।  सोलर पैनल बनाने का इंफ्रा सरकार तैयार करेगी।


इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल कब तक? इस सवाल पर उनका कहना है कि इसपर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की सहमति मिली है। एमेंडमेंट राज्य सरकारों को भेजे गए है। कैबिनेट मंजूरी के बाद सेक्टर में बड़े बदलाव दिखेंगे​।


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