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क्रिमिनल्स का काल स्टार्टअप STAQU, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्राइम कंट्रोल की कहानी

एक स्टार्टअप ऐसा भी है जो अब तक 1400 से ज्यादा मामलों में क्रिमिनल्स को पकड़वा चुका है।
अपडेटेड Nov 04, 2019 पर 08:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

स्टार्टअप्स सिर्फ बिजनेस या इंडस्ट्री का एक नया फंडा नहीं बल्कि बदलते संसार की कहानी भी हैं तभी तो एक स्टार्टअप ऐसा भी है जो अब तक 1400 से ज्यादा मामलों में क्रिमिनल्स को पकड़वा चुका है। जी हां Staq U नाम का ये स्टार्टअप आर्टिफिशल intelligence और टेक्नोलॉजी की मदद से पुलिस को मजबूत कर रहा है।


डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नही नामुमकिन है, इस फिल्मी dialgoue को Staq U ने गलत साबित कर दिया है क्योंकि अब कितना भी बढ़ा अपराधी क्यों न हो Staq U की टेक्नोलॉजी के जाल से बच नहीं सकता है। UP आजमगढ़ के रहने वाले 30 साल ने अतुल राय ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर जून 2015 में Staq U की शुरुआत की। अतुल इस कंपनी के CEO हैं। आर्टिफिशल intelligence में दिलचस्पी के चलते ही इन्होंने मेनचेस्टर यूनिवर्सिटी से AI में मास्टर डिग्री हासिल की और फिर देश में STAQ U नाम से वेन्चर की शुरुआत की।


फिलहाल ये स्टार्टअप 8 राज्यों की पुलिस के साथ जुड़ा हुआ है। इसमें उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान और पंजाब जैसे बड़े राज्य भी शामिल हैं। अपराधियों के डिजिटल रिकॉर्ड रखने से लेकर उन्हें ट्रैक करने तक के लिए Staq U टेक्नोलॉजी के जरिए पुलिस की मदद करता है। इस स्टार्टअप ने आर्टिफिशल intelligence पर आधारित Abedh, jarvis और pine जैसे सॉफ्टवेयर तैयार किए हैं जो पुलिस को क्रिमिनल्स से जुड़े डाटा और सबूत इकट्ठा करने में कारगर हैं।


staq u की शुरुआत अतुल और उसके तीन दोस्तों ने 19 लाख रुपये की रकम से की थी और जून 2016 में इंडियन एंजेल नेटवर्क से इन्होंने 23 करोड़ रुपये की फंडिंग भी जुटाई है। अब तक इस स्टार्टअप की फाइनेंशियल परफॉरमेंस अच्छी रही है और साल 2018-19 में इस कंपनी ने 24 करोड़ का मुनाफा कमाया है। आनेवाले वक़्त में staq U हॉस्पिटैलिटी और बैंकिंग सेक्टर में भी पार्टनरशिप की योजना पर काम कर रहा है।


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