Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

वर्किंग कैपिटल के लिए कर्ज देता स्टार्टअप, जानिए कैसे काम करता है Lendingkart

स्टार्टअप नेशन की अब तक की जर्नी में हमने आपको कई फिनटेक स्टार्टअप्स से रूबरू किया।
अपडेटेड Dec 06, 2019 पर 15:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

स्टार्टअप नेशन की अब तक की जर्नी में हमने आपको कई फिनटेक स्टार्टअप्स से रूबरू किया। आज हम एक और लेंडिंग स्टार्टअप का आपसे इंट्रोडक्शन करा रहे हैं जो सिर्फ 72 घंटों में आपके बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल मुहैया कराता है। हम बात कर रहे हैं LendingKart की जिसने अब तक अपने साथ 70 हजार ग्राहक जोड़े हैं।


भारत में आंत्रेप्रेन्योरशिप की तरफ युवाओं ने कदम बढ़ाए हैं। लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी होता है शुरुआती  कैपिटल जो बैंक से जुटाने के लिए कोलेट्रल यानि गारंटी की जरूरत पड़ती है। अपने बिजनेस के लिए कैपिटल की कमी रोड़ा ना बने इसके लिए फिनटेक सामने आए हैं। लोन की प्रक्रिया आसान बनाने की ऐसी ही कोशिश कर रहा है स्टार्टअप LendingKart। गुजरात का ये फिनटेक सिर्फ 72 घंटों में व्यापारियों को कोलेट्रल-फ्री छोटे कर्ज देता है।


2014 में शुरुआत से अब तक Lendingkart ने करीब 70 हजार ग्राहकों में कुल साढ़े 4 हजार करोड़ के लोन दिए हैं। कंपनी 6 से 36 महीने के लिए 5 लाख तक के कर्ज देती है जो बिजनेसेस वर्किंग कैपिटल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। Lendingkart के को-फाउंडर हर्षवर्धन लूनिया एडवाइजरी बिजनेस में काम कर चुके थे लेकिन लेंडिंग में उनका तजुर्बा तब नया था।


1 करोड़ 10 लाख में शुरू हुए इस स्टार्टअप ने अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपए की इक्विटी रेज की है। Lendingkart  मुंबई, दिल्ली, NCR, कोलकाता और अहमदाबाद में अपने ऑफिसेस के जरिए अच्छई पकड़ बना चुका है। इनके अलावा कंपनी करीब 1300 शहरों में छोटे व्यापारियों को लोन मुहैया करा रही है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।