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Startup Nation: आयुर्वेदिक उपचार के लिए डॉक्टरों और मरीजों का प्लैटफॉर्म, जानिए NirogStreet का सफरनामा

आपने कई ऐसे पोर्टल देखें होंगे जो डॉक्टरों से सलाह-मश्विरा और अपॉइंटमेंट के लिए आपकी मदद करते हैं।
अपडेटेड Oct 07, 2019 पर 10:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपने कई ऐसे पोर्टल देखें होंगे जो डॉक्टरों से सलाह-मश्विरा और अपॉइंटमेंट के लिए आपकी मदद करते हैं। लेकिन ऐसा प्लैटफॉर्म जहां आयुर्वेदिक डॉक्टरों से आप डिजिटली कनेक्ट कर सकें, ऐसा कम ही होता है। आइए जानें ऐसे ही स्टार्टअप NirogStreet का सफर। आयुर्वेदिक इलाज ढूंढ रहे मरीजों के लिए 50 हजार डॉक्टरों का नेटवर्क बना चुका है और साथ ही मानक तय करने में भी आयुष मंत्रालय की मदद कर रहा है।


स्टार्टअप निरोगस्ट्रीट के फाउंडर राम कुमार पर बिल्कुल फिट बैठती है, निरोगस्ट्रीट एक ऑनलाइन प्लेटफार्म जहाँ देशभर के आयुर्वेदिक डॉक्टर आपस मे विचार विमर्श कर बीमारी का पुख्ता इलाज करते है। टेक्नोलॉजी और एलोपैथी के दौर में कैसे राम ने आयुर्वेद के क्षेत्र में काम करने की ठानी आईये आपको बताते है।


36 साल के राम एन कुमार ने अपनी आपबीती से सबक लेते हुए एक स्टार्टअप की शुरुआत की है। वे पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और कुछ साल पहले तक खुद हेपेटाइटिस C जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। एलोपैथी दवाइयों से हार चुके राम कुमार के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां सहारा बनीं और इसी से जन्म लिया Nirog Street ने। अपने अनुभव से राम कुमार ने जाना कि लोगों में आयुर्वेद पर भरोसा है, लेकिन आयुर्वेदिक डॉक्टरों की नसीहतों पर नहीं। इसी का हल निकालने के लिए उन्होंने Nirog Street की शुरुआत की जो आयुर्वेदिक डॉक्टरों और मरीजों के बीच डिजिटल कनेक्ट बना रहा है।


2016 में Nirog Street की शुरुआत हुई और पहले 100 डॉक्टर्स को इस नेटवर्क से जोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन मेहनत ने जब रंग दिखाया तो एकदम चोखा। Nirog Street के साथ अब करीब 50 हजार डॉक्टर्स और देशभर के 200 क्लीनिक हैं। शुरुआती निवेश के लिए राम कुमार को उनकी पत्नी और दोस्तों से करीब 25 लाख रुपए की मदद मिली। Nirog Street को जैपेनीज फंड Spiral Ventures से 10 लाख डॉलर की अर्ली स्टेज फंडिंग हासिल हुई है।


Nirog Street वैद्यरत्नम, इन्नोवेदा, डाबर, वैद्यनाथ जैसी कंपनियों से सीधे दवाई ख़रीद अपने प्लेटफार्म पर मुहैया कराती है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों को जो दवा जितनी मात्रा में चाहिए उतनी उपल्बध कराने के लिए भी ये स्टार्टअप काम कर रहा है। साथ ही, देशभर में आयुर्वेद को बढ़ावा देने और मानक तय करने के लिए ये स्टार्टअप आयुष मंत्रालय के साथ भी काम कर रहा है। Nirog Street का मकसद यही है कि आयुर्वेदिक उपचार को पहचान मिल सके।


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