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उधारी बढ़ाने की शर्तों से नाखुश हैं राज्य सरकारें,शर्तों में ढील की कर रहीं मांग

मार्केट बौरोविंग के मौजूदा नियमों में बदलाव के लिए राज्य सरकार फिर नए सिरे से केंद्र पर दबाव बनाने में जुट गई हैं।
अपडेटेड May 27, 2020 पर 08:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कोरोना और लॉकडाउन की मुसीबतों का सामना करने के लिए कर्ज लेने के नियमों में केंद्र सरकार ढील दे। बाजार से उधारी को लेकर राज्य सरकारों का मानना है कि उन्हें कम से कम एक फीसदी उधारी बिना किसी शर्त के मिले और सीधे इसमें RBI दखल दे। ताकि उनको आसानी से कम ब्याज पर कर्ज मिल सके।  इस मामले में बिहार समेत दूसरी राज्य सरकारों की भी अलग-अलग दलीलें है।


मार्केट बौरोविंग के मौजूदा नियमों में बदलाव के लिए राज्य सरकार फिर नए सिरे से केंद्र पर दबाव बनाने में जुट गई हैं। केंद्र की शर्तों से नाखुश बिहार समेत कई राज्य चाहते हैं कि कम से कम एक फीसदी बौरोविंग बिना शर्त हो साथ ही इस प्रक्रिया में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया दखल दे ताकि उन्हें कम ब्याज़ चुकाना पड़े।
 
दरअसल बाजार से सीधे उधारी लेने पर ज्यादा ब्याज  चुकाना पड़ता है और RBI के बिना कर्ज सब्सक्राइब नहीं होने की भी आशंका है। ऐसे में आरबीआई की दखल से कर्ज आसानी से मिल सकेगा।


 बता दें कि कोविड संकट के लिए राज्य सरकारों को फंड जुटाने के लिए उधारी की मंजूरी मिली थी। आत्मनिर्भर भारत पैकेज में वित्तमंत्री ने इसका ऐलान किया था।  जिसके चलते राज्य 6.41 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त 4.28 लाख करोड़ रुपये की उधारी ले सकेंगे।  राज्यों ने अभी तक अधिकृत सीमा का सिर्फ 14% उधारी ली है।


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