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सरकार-आरबीआई के बीच बढ़ा और तनाव

प्रकाशित Sat, 03, 2018 पर 14:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिजर्व बैंक और सरकार के बीच चल रहे तनाव में सेकंड गियर लग गया है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा है कि बैंकों का काम कर्जदारों को बेलआउट करने का नहीं हैं। बैंकों की पहली जिम्मेदारी पैसा जमा करने वालों की तरफ है। बैंक जमाकर्ता को बाद में पैसा देने की बात नहीं कर सकता। दरअसल कल बाजार बंद होने के बाद आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के हाल में दिए बयान पर तंज कसा।


इसके कुछ घंटों बाद ही रिजर्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर दूसरे डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन का एक्सएलआरआई जमशेदपुर में इसी हफ्ते दिया भाषण अपोलड कर दिया। इस वक्त एनबीएफसी का नकदी की किल्लत से परेशान हैं और सरकार रिजर्व बैंक से स्पेशल विंडो के जरिए एनबीएफसी को ज्यादा नकदी देने को कह रही है। रिजर्व बैंक इसके पक्ष में नहीं है और मुद्दा तनाव का मुद्दा बन गया है। विश्वनाथन का भाषण इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।