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चीनी-नमक से बिगड़ेगा खेल, कैसे रहेंगे सेहतमंद

प्रकाशित Wed, 14, 2018 पर 18:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानि आईएमए खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों पर चीनी, नमक, फैट की मात्रा सीमित रखने के लिए दबाव बनाने का विचार किया है। दरअसल, डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर की सरकारों को आगाह किया था कि खाद्य पदार्थ में  चीनी, नमक, फैट की मात्रा सीमित ना रखने के कारण लोगों में बिमारी अधिक मात्रा में बढ़ रही है।


डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि खाने में चीनी, नमक, तेल के कम इस्तेमाल से लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचाव हो सकता है। इससे ना केवल मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और दिल की बीमारी से छूटकारा मिलेगा बल्कि किडनी भी सुरक्षित रहेगी।


इन बीमारियों की बढ़ती संख्या को देखकर अब आईएमए ने लोगों को जागरुक करने का फैसला लिया है जिसके तहत आईएमए सरकार और खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों पर दबाव बनाने का विचार कर रही है। खाद्य पदार्थ पर चीनी, नमक, फैट की मात्रा सीमित रखने के लिए कहेगा। फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई भी इस मामले पर चिंतित है। इस मामले पर अब तक कोई गाइडलाइंस नहीं है।
 
डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस के मुताबिक 1 दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए। 1 दिन में 6-8 चम्मच से ज्यादा चीनी नहीं खानी चाहिए। रोजाना 4 चम्मच से ज्यादा तेल नहीं खाना चाहिए। ज्यादातर भारतीय इससे ज्यादा तेल, नमक, चीनी खाते हैं। डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर की सरकारों को आगाह कर रहा है। कई देशों ने खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी, फैट की मात्रा घटाई है, लेकिन भारत जैसे कई देशों में अब भी अंकुश नहीं है क्योंकि फूड आइटम्स बनाने वाली कंपनियां मनमानी करती है।