Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

सुप्रीम कोर्ट ने दी शर्तों के साथ इच्छामृत्यु को मंजूरी

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 16:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पैसिव यूथेनेशिया और लिविंग विल को कानूनी मान्यता दे दी है। इसके अलावा कोर्ट ने लिविंग विल पर भी गाइडलाइन जारी की, इसके मुताबिक मरीज पहले ही ये तय कर लेता है कि गंभीर बीमारी होने पर जब सिर्फ नाम की जिंदगी रह जाए तो उसे दवाओं पर जिंदा रखा जाए या नहीं।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर डॉक्टरों का बोर्ड मरीज की बीमारी को लाइलाज घोषित कर देता है तो उसे इच्छामृत्यु दी जा सकती है और मरीज को लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाया जा सकता है।
 
इच्छा मृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी को सम्मान से मरने का अधिकार है। लाइलाज बीमारी में वेंटिलेटर हटाने की इजाजत मिलनी चाहिए। लिविंग विल के हालात में भी इच्छा मृत्यु का हक होना चाहिए। इसमें डॉक्टर, मरीज के परिवार का फैसला मानना होगा। परिवार, डॉक्टर भी इच्छामृत्यु का फैसला ले सकते हैं। इसके लिए परिवार को हाईकोर्ट जाकर इजाजत लेनी होगी।


पैसिव यूथेनेशिया का मतलब है ऐसा सपोर्ट हटा लेना जिससे मरीज जिंदा है। मरीज को लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटा लेना और मरीज को दवाइयां इत्यादि देना बंद कर देना।


वहीं लिविंग विल का मतलब है भविष्य में इच्छामृत्यु की वसीयत जिसमें ये रहता है कि सिर्फ नाम की जिंदगी रह जाए तो क्या करें या बीमारी जिसमें नाम की जिंदगी बाकी हो तो क्या करें।