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टेक गुरु: नोकिया 3.1 प्लस बनाम सैमसंग जे4 प्लस

प्रकाशित Sat, 24, 2018 पर 17:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोकिया 3.1 प्लस और सैमसंग J4+ डिस्प्ले के बेसिक स्पेसिफिकेशन के मुकाबले में एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं। दोनों ही फोन 6 इंच के HD+ रेजॉल्यूशन वाला डिस्प्ले के साथ आते हैं। ये दोनों ही फोन फुल स्क्रीन डिस्प्ले भी सपोर्ट करते हैं। लेकिन यहां पर नोकिया 3.1 प्लस के बेजेल्स ज्यादा स्लिम हैं और इसलिए फोन का साइज थोड़ा सा छोटा भी है। नोकिया 3.1 प्लस हो या सैमसंग J4+ दोनों फोन पर ही बढ़िया विजुअल एक्सपीरियंस मिलता है। हालांकि आप किसी में भी कलर टेंपरेचर या टोन में कोई चेंज नहीं कर सकते। लेकिन सैमसंग j4+ पर तेज रोशनी में काम करना ज्यादा आसान है, थैंक्स टू ब्राइटनेस इंनटेन्सिटी। अब लु्क्स पर आएं तो दोनों ही फोन वैसे तो बजट के हिसाब से काफी गुड लुकिंग है लेकिन यहां बाजी मारता है नोकिया 3.1 प्लस। मैट रियर पैनल, अलुमिनियम बॉडी और स्लीक डिजाइन इसे स्मार्ट लुक देते हैं। ये डिजाइन फोन को मजबूत बनाने के साथ इसी टू हैंडल भी बनाता है क्योंकि फोन आसानी से स्लिप नहीं होता। वहीं सैमसंग j4+ आता है ग्लास फिनिश के साथ जो इसे प्रिमियम लुक तो देता है लेकिन फोन बेहद स्लिपरी है। j4+ नोकिया 3.1 प्लस के मुकाबले ज्यादा भारी भी है तो यहां हैंडलिंग भी नोकिया 3.1 की ही बेटर है तो कुल मिलाकर इस मुकाबले में बाजी मारी है नोकिया 3.1 प्लस ने।


डिस्प्ले और फोन के लुक एंड फील में भले ही कॉम्पटिशन काफी नेक टू नेक रहा हो लेकिन परफॉर्मेंस के मुकाबले में वी हैव का क्लियर विनर जो है नोकिया 3.1 प्लस। ओवर रेग्यूलर यूज सैमसंग j4+ में लैग्स काफी नोटिसेबल होते हैं, वहीं नोकिया 3.1 प्लस स्मूदली काम करता है।


चलिए शुरुआत करते हैं नोकिया 3.1 प्लस के इंटरनल्स से। ये फोन काम करता है मीडियाटेक हीलियो P22 ओक्टाकोर प्रोसेसर पर। फोन में 2 और 3 GB वेरिएंट अवेलेबल है जिसे साथ मिलता है 16 या 32 GB स्टोरेज का। प्रोसेसर, स्टोरेज और रैम का ये कॉम्बिनेश फोन पर काम करने को स्मूद बनाता है। डेली फंक्शन्स के अलावा फोन पर  जेनेरल गेमिंग का मजा बिना किसी स्ट्टर या लैग किए लिया जा सकता है। नोकिया 3.1 प्लस को बड़ा एज देता है स्टॉक एंड्रॉयड एक्सपीरियंस। एंड्रॉयड 8.1 ओरियो ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस इस फोन पर काम करना बेहद आसान है। साथ ही फोन ब्लोट फ्री है। नोकिया 3.1 प्लस फ्लिप टू रिजेक्ट, एम्बियंट डिस्प्ले जैसे फीचर भी सपोर्ट करता है।


अब आते हैं स्नैपड्रैगन 425 पर काम करने वाले सैमसंग j4+ पर। वैसे तो ये प्रोसेसर ट्राइड एंड टेस्टेड है, लेकिन इसके साथ 2gb रैम और 32gb स्टोरेज का ये कॉम्बिनेशन खास स्मूदली काम नहीं करता। इसके अलावा फोन पर दिए गए ऐप ओपनिंग जैसे एनिमेशन भी फोन को स्लो करते हैं। गेमिंग में तो कोई परेशानी नहीं आती लेकिन ऐप स्विचिंग काफी स्लो है। j4+ एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर बेस्ड सैमसंग एक्सपीरियंस UI पर काम करता है। फोन कुछ प्री लोडेड ऐप्स के साथ आता है लेकिन अगर आप सैमसंग यूजर रह चुके हैं तो ये अनॉइंग नहीं लगता। इसके अलावा फोन पर मल्टिपल विंडो, डुअल मेसेंजर, स्मार्ट शॉर्टकट और सैमसंग मिनी जैसे फीचर हैं जो फोन पर प्रोडक्टिविटी को बढ़ाते हैं। लेकिन इसके बावजूद, नोकिया 3.1 प्लस परफॉर्मेंस के मामले में क्लियरली आगे निकल जाता है।


परफॉर्मेंस के बाद बात करते हैं कैमरा की। यहां पर एक से भले दो का कॉन्सेप्ट बिल्कुल ठीक बैठता है। नोकिया 3.1 प्लस आपको डुअल कैमरा तो ऑफर करता ही है साथ ही क्वॉलिटी और कई सिचुएशंस में भी j4+ से बेटर परफॉर्म करता है। सैमसंग j4+ में जहां 13 मेगापिक्सल का सिंगल रियर कैमरा मिलता है वहीं नोकिया 3.1 प्लस आता है 13+5 मेगापिक्सल के डुअल रियर कैमरा के साथ। यहां पर दो कैमरा तो एज देते ही है, साथ ही 3.1 प्लस की कलर रिप्रोडक्शन भी j4+ के मुकाबले ज्यादा बेहतर है। नोकिया 3.1 का डुअल कैमरा अच्छी पोट्रेट फोटोज लेता है, हालांकि j4+ में आपके पास ये ऑप्शन नहीं है। लो- लाइट के मुकाबले में दोनों ही फोन एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं।  कम रोशनी में भी दोनों फोन सैटिस्फैक्टरी डिटेल देते हैं। सेल्फी के लिए नोकिया 3.1 प्लस में 8 मेगापिक्सल का कैमरा है तो वहीं सैमसंग j4+ में 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वैसे तो दोनों ही सेल्फी कैमरा आपको सोशल मीडियो के लिए बढ़िया सेल्फी देते हैं लेकिन j4+ से ली गई सेल्फी में डिटेल्स कैप्चर नहीं होते और स्कीन ज्यादा ही स्मूद नजर आती है वहीं 3.1 प्लस डिटेल्ड और शार्प सेल्फी कैप्चर करता है।


वीडियो केपेबिलिटी के लिए दोनों ही फोन्स फुल hd रेजॉ्लयूशन पर वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं लेकिन सिर्फ नोकिया 3.1 प्लस में ही टाइम लैप्स और स्लो मोशन वीडियो बनाने का ऑप्शन मौजूद है। नोकिया 3.1 प्लस मैनुअल, पैनोरमा जैसे लिमिटेज मोड्स के साथ आता है वहीं j4+ में ब्यूटी, प्रो, पैनोरमा, स्टिकर्स और कॉन्टिन्युअस शॉट जैसे मल्टिपल ऑप्शन हैं। लेकिन कैमरा प्रायोरिटी है तो नोकिया 3.1 प्लस क्लियर च्वॉइस है।


नोकिया 3.1 प्लस लैस है 3500 mAh की बैटरी से, वहीं j4+आता है 3300 mAh की बैटरी के साथ। यहां पर j4+ की बैटरी भले ही ऑन पैपर 3.1 प्लस से कमजोर लगे लेकिन रियल टाइम यूसेज में कुछ खास फर्क नहीं है। दोनों ही फोन मिडियम यूसेज में 8-10 घंटे चल जाते हैं। दोनों ही फोन को चार्ज करने के लिए माइक्रो usb पोर्ट दिया गया है। फोन की स्लो चार्जिंग एक बड़ी परेशानी है। दोनों ही फओन को फुल चार्ज होने में 2.5 से 3 घंटे लगते हैं।


सिक्योरिटी के लिए दोनों फोन्स में अलग अलग ऑप्शन है। नोकिया 3.1 में रियर पर दिए फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है जो काफी क्विक और एक्यूरेट है, वहीं सैमसंग j4+ में फिंगरप्रिंट स्कैनर ही नहीं है और फोन को अनलॉक करने के लिए सिर्फ फेस रेकगनिशन का ही ऑप्शन है। हालांकि फेस रेकगनिशन काफी अच्छे से काम करता है लेकिन सिक्योरिटी के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर कई बार बेटर ऑप्शन होता है। ऑडियो क्वॉलिटी दोनों ही फोन की बढ़िया है और आउटडोर भी साउंड को क्लियरली सुन सकते हैं। दोनों ही फोन डुअल सिम हैं और ऑडियो जैक के साथ आते हैं। नोकिया 3.1 प्लस की कीमत है 10999 रुपए और सैमसंग j4+ की कीमत है 9990 रुपए।