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बाजार में गिरावट राहत पैकेज की वजह से नहीं बल्कि अन्य कारणों से है: PRINCIPAL ECONOMIC ADVISOR

वित्त मंत्रालय के प्रिसिंपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल का कहना है कि राहत पैकेज में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है।
अपडेटेड May 19, 2020 पर 07:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पिछले तीन दिनों में सरकार ने राहत पैकेज की बौछार कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने राहत पैकेज में बोल्ड रिफॉर्म्स के साथ कई सेक्टर्स को राहत दी। इस पैकेज से इकोनॉमी और खासकर किसानों को कितना फायदा होगा। इस पर सीएनबीसी-आवाज़ से  Exclsuive बातचीत वित्त मंत्रालय के प्रिसिंपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल का क्या कहना है आइए जानते है लेकिन सबसे पहले नजर डाल लेते है FM द्वारा किए गए ऐलानों पर।


पीएम द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के कई चरणों में विवरण करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने साफ किया है कि सरकार, सरकारी कंपनियों का निजीकरण करेगी। स्ट्रेटजिक सेक्टर में अधिकतम 4 सरकारी कंपनियां होंगी। वहीं डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में ऑटोमेटिक रूट से FDI की सीमा 49% से बढ़ाकर 74% किया है। उन्होंने डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया पर जोर दिया  है।


साथ ही फिशियरीज सेक्टर के लिए 20,000 करोड़ रुपये की PM मतस्य संपदा योजना का भी ऐलान किया था। उन्होंने साफ किया था कि सरकार कमर्शियल कोल माइनिंग को बढ़ावा देगी। बड़े ऐलान में उन्होंने दिवालिया कानून (IBC) में भी रियायत दी। उन्होंने साफ किया कि कोविड से जुड़े कर्ज को डिफॉल्ट में नहीं जोड़ा जाएगा। इन्सॉलवेंसी प्रोसिडिंग्स 1 साल के लिए सस्पेंड किया और एग्रीकल्चर इंफ्रा के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड देने का ऐलान किया।



वहीं किसानों को राहत देते हुए 30,000 करोड़ का स्पेशल फंड देने का ऐलान किया है। नाबार्ड के 90,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राशि है। रबी फसल से जुड़े काम में फायदा  मिलेगा। खरीब की बुआई में भी मदद मिलेगी।  छोटे, मझोले किसानों को फायदा मिलेगा। इससे 3 करोड़ किसानों को लाभ  मिलेगा। ग्रामीण और कोऑपरेटिव बैंकों के जरिए मदद मिलेगी। 2 लाख करोड़ का क्रेडिट दिया जाएगा। 2.5 करोड़ किसानों को फायदा होगा। मछली और पशु पालन किसान को भी फायदा होगा।


सीएनबीसी-आवाज़ से  Exclsuive बातचीत वित्त मंत्रालय के प्रिसिंपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल का कहना है कि राहत पैकेज में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। FM ने प्रवासी मजदूरों के लिए भी राहत पैकेज का एलान किया है। सरकार ने इकोनॉमी में रिफॉर्म पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भी कई कानूनों में बदलाव किए है। प्रवासी मजदूरों के रोजगार के लिए मनरेगा पर भी सरकार का फोकस है जिसके लिए सरकार ने मनरेगा में 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन बढ़ाया है।


दिवालिया कानून (IBC) में दिए गए रियायत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IBC नियमों में ढील हमेशा के लिए नहीं है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए IBC नियमों में ढील दी गई है। ब्याज दरों में धीरे-धीरे कमी ला रहे हैं।


बाजार की चाल पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव की कई वजहें है। बाजार में गिरावट राहत पैकेज की वजह से नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय और दूसरी कई वजहों से है।


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