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चीनी उत्पादों के खिलाफ लड़ाई तेज, मोरबी की कंपनियां टक्कर लेने को तैयार

गुजरात के मोरबी शहर के करीब 150 मैन्युफैक्चरर्स चीन के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं।
अपडेटेड Jun 27, 2020 पर 13:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

चीनी उत्पादों के खिलाफ लड़ाई तेज होती जा रही है। गुजरात के मोरबी शहर के करीब 150 मैन्युफैक्चरर्स चीन के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं। प्लास्टिक, इलेक्ट्रिकल गुड्स और अन्य पार्ट्स के उत्पादन के लिए कैसी है मोरबी के मैन्युफैक्चरर्स की तैयारी आइए देखते हैं।


वैसे तो गुजरात का मोरबी सिरेमिक की मैन्युफैक्चरिंग के लिए देश भर में अव्वल है। लेकिन यहां घड़ियों के साथ प्लास्टिक गुड्स और इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स की करीब 300 से ज्यादा कंपनियां हैं। इसमें से 150 कंपनियों ने चीन से इंपोर्ट होने वाले कच्चे माल के खिलाफ लड़ाई छेड़ दी है और मोरबी में ही ऐसे प्रोडक्ट्स का निर्माण करने का फैसला किया है।


हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादातर चीजें चीन से ही इंपोर्ट होती हैं, लेकिन खास तौर से व्हाइट गुड्स में चीन का कोई तोड़ नहीं है। ऐसे में इन मैन्युफैक्चरर्स को भारत में उसी क्वालिटी का कच्चा माल मिलना मुश्किल हो सकता है। लेकिन मोरबी के इन मैन्युफैक्चरर्स ने उसका भी तोड़ निकाला है और वियतनाम, कम्बोडिया, ताइवान जैसे देशों से शुरुआती दौर में कच्चे माल का इंपोर्ट करने का सोचा है। वो धीरे-धीरे कच्चा माल भी मोरबी में ही बनाना चाहते हैं।


मोरबी के इन उत्पादकों ने एलजी, सैमसंग और सिमेंस जैसी वाइट गुड्स बनानेवाली कम्पनियों के साथ अपना कम्युनिकेशन शुरू भी कर दिया है ताकि वो जो रॉ मटेरियल चाइना से इम्पोर्ट कर रहे हैं वह मोरबी के उत्पादक उन्हें दे सकें।




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