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राहत पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान आज, इंफ्रा-रिफॉर्म और सेक्टोरल राहत पर हो सकता है फोकस

सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्लक्लूसिव जानकारी के मुताबिक अगले 2 दिनों में इंफ्रा, रिफॉर्म और सेक्टोरल राहत पर फोकस हो सकता है।
अपडेटेड May 16, 2020 पर 18:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

राहत पैकेज की चौथी किस्त का एलान आज होने वाला है। शाम 4 बजे वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्लक्लूसिव जानकारी के मुताबिक अगले 2 दिनों में इंफ्रा, रिफॉर्म और सेक्टोरल राहत पर फोकस हो सकता है।


आने वाले राहत पैकेज में क्या?


राहत पैकेज की चौथी किस्त में लंबे वक्त तक असर दिखाने वाले रिफॉर्म का एलान संभव है। सूत्रों के मुताबिक FDI,कोल, एविएशन, इंफ्रा पर एलान संभव है। वहीं नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन पर बनी टास्क फोर्स की सिफारिशों का भी एलान आज हो सकता है। नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन के तहत 6400 प्रोजेक्टों की पहचान की गई है। इसमें 100 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट है। इन प्रोजेक्टों को जल्दी पैसा देने का एलान संभव है।


आज पेश होने वाली राहत पैकेज की चौथी किस्त में इंफ्रास्ट्रक्चर की परिभाषा में भी बदलाव हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक नई परिभाषा में नए सेक्टर जुड़ सकते हैं।


वहीं सरकारी कंपनियों के विनिवेश से जुड़े बड़े एलान भी संभव है। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन लैंड रिफॉर्म के लिए एक मॉडल कानून पेश कर सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार का इंडस्ट्री को आसानी से जमीन मुहैया कराने पर जोर है जिसके चलते लैंड रिफॉर्म के लिए नया कानून आ सकता है।


आज डिफेंस सेक्टर से जुड़े बड़े एलान भी संभव है। कोल ब्लॉक ऑक्शन की शर्तों में ढील मिल सकती है। एयरलाइंस की लागत कम करने पर भी सरकार का फोकस है। सूत्रों के अनुसार एयर स्पेस और ज्यादा खोलने का एलान संभव है। निवेश के प्रस्तावों को फटाफट मंजूरी देने पर भी सरकार का जोर है।


आइए जानते है कि कल पेश हुए राहत पैकेज-3 की बड़ी बातें


कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एलान किया गया। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जबकि PM मत्स्य संपदा योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं पशुधन के लिए 13,343 करोड़ का प्रावधान किया गया। FM ने डेयरी उद्योग के लिए 15,000 करोड़  रुपये का आवंटन किया। हर्बल कल्टीवेशन के लिए 4,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया जबकि मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।


अब सभी तरह की सब्जियों के लिए 50 फीसदी सब्सिडी दी गई जिसके लिए सब्जियों के लिए सप्लाई चेन पर  500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में बदलाव होगा। किसानों को बेहतर दाम के लिए नया कानून बनेगा। बुआई से पहले अच्छे भाव का भरोसा के लिए कानून होगा


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