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टिड्डियों पर कंट्रोल के लिए सरकार ने की हाई लेवल बैठक, भागा इस कंपनी का शेयर क्या है आपके पास?

देश में टिड्डियों का कहर बढ़ता जा रहा है। टिड्डियों को लेकर कई राज्यों में हाईअलर्ट जारी किया गया है।
अपडेटेड May 31, 2020 पर 08:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश में टिड्डियों का कहर बढ़ता जा रहा है। टिड्डियों को लेकर कई राज्यों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है। तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक में भी खतरा है। टिड्डी हमले में 90 हजार हेक्टेयर हरियाली बर्बाद हो गई है। UN ने  दूसरी लहर की चेतावनी दी है।  UN के मुताबिक टिड्डियों के दल जुलाई में दोबारा UP,MP,राजस्थान में लौट सकते हैं।


टिड्डियों पर कंट्रोल के लिए सरकार ने हाई लेवल बैठक की है। बैठक में जरूरी केमिकल सप्लाई की समीक्षा की गई। इस बीच टिड्डियों के लिए केमिकल बनाने वाली सरकारी कंपनी HIL ने अपनी प्रोडक्शन में बढ़ोतरी कर दी है। राज्यों को सप्लाई के अलावा HIL को ईरान और लैटिन अमेरिका से भी बड़े ऑर्डर मिले हैं। डिमांड पूरा करने के लिए कंपनी की क्या है योजना इस बात करते हुए  HIL इंडिया के CMD S.P.Mohanty ने कहा कि टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए हाई लेवल बैठक हुई है। जरूरी केमिकल की सप्लाई की समीक्षा की गई है। भारत सहित कई देशों में टिड्डियों का आतंक है। डिमांड को देखते हुए HILने प्रोडक्शन बढ़ाया है। राज्यों को सप्लाई के अलावा HILने एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी की है। कंपनी को ईरान से करीब 25 MT का  पेस्टिसाइड्स ऑर्डर मिला है। पिछले एक हफ्ते से 67 MT MALATHION का प्रोडक्शन किया गया है। अगले हफ्ते लैटिन अमेरिका को 12MT पेस्टिसाइड्स की सप्लाई की जाएगी।


बता दें कि  HIL सरकारी क्षेत्र की कंपनी है जो Pesticide बनाती है। HIL टिड्डियों को मारने के केमिकल MALATHION का प्रोडक्शन करती है। देश में टिड्डी दल के अटैक के बाद से ही एग्रो केमिकल बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार बढ़त देखने को मिल रहा है। इसकी वजह पर नजर डालें तो इस पर आई ICICi sec की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टिड्डी हमला एग्रीकेमिकल कंपनियों के लिए कमाई का मौका है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि टिड्डियों के हमले से वित्तवर्ष 2021 में फसलों को नुकसान संभव है। टिड्डीयों के हमले से निपटने के लिए एग्री केमिकल का इस्तेमाल बढ़ सकता है। लॉकडाउन की वजह से एग्री केमिकल की किल्लत है। इससे एग्री केमिकल की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। इससे एग्री केमिकल कंपनियों को फायदा हो सकता है।  टिड्डी हमले को लेकर किसानों के बीच जागरुकता की उम्मीद है जिसके एग्रीकेमिकल कंपनियों को फायदा होगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जून तक टिड्डियों का असर रहा तो खरीफ फसल पर असर देखने को मिल सकता है। हालांकि फसलों को तत्काल कोई खतरा नहीं है क्यों कि मार्च-जून की अवधि में कोई खड़ी फसल नहीं होती। लेकिन इस तरह की घटना किसानों को बीच एग्रो केमिकल्स के उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करने का काम करेगी।




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