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अहम खबरें: तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन ऑपरेशनल, Mercedes ने लॉन्च की दो नई गाड़ियां

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया ने तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर 18वीं स्क्वाड्रन को तेजस विमान सौंपे हैं।
अपडेटेड May 28, 2020 पर 09:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एयरफोर्स की एक और स्क्वाड्रन में तेजस शामिल


एयरफोर्स के तेजस लड़ाकू विमान उड़ाने वाली दूसरी स्क्वाड्रन ऑपरेशनल हो गई है। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया ने तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर 18वीं स्क्वाड्रन को तेजस विमान सौंपे हैं। उन्होंने आज सुलूर में सिंगल सीटर लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भी भरी। इससे पहले 2016 में एयरफोर्स की 45वीं स्क्वाड्रन में तेजस शामिल हो चुकी है। 1965 में गठित 18वां स्क्वाड्रन अब तक मिग- 27 विमान उड़ा रहा था। भारत में ही बना तेजस चौथी पीढ़ी के सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों के समूह में सबसे हल्का और सबसे छोटा है।


 इम्यूनिटी बूस्टर उत्पादों की भारी डिमांड


बाजार में इन दिनों सबसे ज्यादा मांग इम्यूनिटी बूस्टर प्रोडक्ट्स की है। आयुर्वेदिक चाय से लेकर च्यवनप्राश तक लोग इम्यूनिटी बढ़ाने वाले प्रोडक्ट्स खूब खरीद रहे हैं। ज्यादातर दुकानदार भी इन प्रोडक्ट्स को शेल्फ पर सबसे उपर रख रहे हैं।


Mercedes ने लॉन्च की दो नई गाड़ियां



परफॉर्मेंस कार के दिवानों के लिए मर्सिडीज बेंज़ ने आज 2 नई गाड़ी लॉन्च की है। इनमें पहला कूप स्टाइल वाली AMG C63 है और दूसरी AMG GT-R, AMG C63 की कीमत  1 करोड़ 33 लाख रुपए है जबकि AMG GT-R की कीमत 2 करोड़ 48 लाख रुपए है। दोनों गाड़ियों की खासियत है कि ये परफॉर्मेंस कार हैं जिन्हें रेस ट्रैक के साथ सड़क पर भी चला सकते हैं। इनमें लगे इंजन को बनाने वालों के नाम इंजन के ऊपर लिखा हुआ होता है। दोनों ही कारों में 4 लीटर का इंजन लगा है लेकिन पावर अलग-अलग हैं। AMG C63 में 470bhp पावर मिलता है। इसी पावर की वजह से ये 4 सेकेंड में 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती है। AMG GT-R में 585bhp पावर मिलता है और इसकी टॉप स्पीड रनवे पर दौड़ने वाले हवाई जहाज से भी ज्यादा है।


फिलहाल डाटा दरों में कोई बदलाव नहीं,TRAIअभी फ्लोर प्राइस तय करने के मूड  में नहीं



लॉकडाउन के बीच फिलहाल TRAI डाटा का  फ्लोर प्राइस तय करने के लिए तैयार नहीं है यानि TRAI डाटा की न्यूनतम दरें तय करने के मूड में नहीं है। TRAI का मानना है कि कोरोना के चलते अभी काफी उथल पुथल हैं और ऐसे में अगर TRAI ने फ्लोर प्राइस तय किया तो  कंज्यूमर पर बोझ बढ़ सकता है। इसलिए एक बार लॉकडाउन और कोरोना के संकट से राहत मिल जाए तो फिर इस बारे में फैसला किया जाएगा। टेलीकॉम कंपनियों के लिए ट्राई से डाटा का फ्लोर प्राइस तय करने का इंतजार लंबा हो सकता है सूत्रों के मुताबिक ट्राई फिलहाल इसके पक्ष में नहीं है। ट्राई सूत्रों के मुताबिक अभी कोविड-19 के चलते देश में काफी उथल पुथल है और अभी डाटा की दरें तय करने से उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचेगा। डाटा के दाम बढ़ने से वर्क वर्क फ्रॉम होम पर भी असर होगा। ओपन हाउस बुलाने में कम से कम 2 महीने का वक्त है। सितंबर से पहले TRAI कोई भी रेगुलेशन नहीं लाएगा। TRAI के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों की हालत सुधर रही है। कंपनियों के ARPU भी बढ़ रहे हैं। बता दें कि टेलीकॉम कंपनियों ने जल्द डाटा के दाम तय करने की मांग की थी। इसके लिए COAI ने  जल्द से जल्द ओपन हाउस बुलाने की मांग की थी। 


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