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खाद्य सुरक्षा स्कीम के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को 3 महीने तक मिलेगा सस्ता राशन

आज कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि लॉकडाउन के बीच सभी जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।
अपडेटेड Mar 26, 2020 पर 11:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन यानि 21 दिन की देशबंदी का पहला दिन है। कोरोना से जंग जीतने के लिए इस कड़े कदम को प्रधानमंत्री ने जरूरी बताया है। इसके बाद से देश भर में लॉकडाउन शुरू हो गया। खुद प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ जंग में सोशल डिस्टैसिंग को बेहद अहम बताया है। आज कैबिनेट की बैठक में इसकी नजीर भी रखी गई। कैबिनेट की बैठक में सभी जरूरी एहतियात और दूरियां बरती गई। लेकिन आम जनता को लॉकडाउन में तकलीफें नहीं हो इसको लेकर भी पूरा इंतजाम किया जा रहा है। आज कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि लॉकडाउन के बीच सभी जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। इसको लेकर पैनिक में ना आएं। वहीं सरकार ने लॉकडाउन में गरीबों की परेशानी दूर करने के लिए सरकार के कदम भी गिनाए।




कैबिनेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर दुकानों से सामान खरीदने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करने का अनुरोध किया। उन्होने इसके लिए तस्वीरों के जरिए गुजरात और पुदूचेरी का उदाहरण भी पेश किया।




कैबिनेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा स्कीम के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को तीन महीने तक सस्ता राशन मुहैया कराएगी, जिसमें 2 रुपए गेहूं और 3 रुपए प्रति किलो चावल दिया जाएगा।




आज की कैबिनेट मीट में कोरोना की तैयारियों पर लंबी चर्चा हुई और लॉकडाउन के दौरान जरूरी सुविधाएं जारी रखने पर जोर दिया गया। इसमें सभी राज्यों से  हेल्पलाइन शुरू करने के लिए भी कहा गया। कोरोना पर गृह मंत्रालय के विशेष हेल्पलाइन नंबर की भी जानकारी दी गई। आज की कैबिनेट मीट में टेक्सटाइल सब्सिडी जारी रखने का फैसला लिया गया। मौजूदा स्कीम के तहत सब्सिडी 30 मार्च को खत्म हो रही थी। अब नई स्कीम लागू होने तक सब्सिडी जारी रखी जाएगी। नई स्कीम Remission of Duties or Taxes on Export Products(RoDTEP) जल्द ही लाई जाएगी। आज हुई कैबिनेट की इस अहम बैठक में रीजनल रूरल बैंक को 1340 करोड़ रु की अतिरिक्त पूंजी मुहैया कराने का भी फैसला लिया गया। इसके साथ ही रेलवे सेक्टर में तकनीकी सहयोग के लिए भारत और जर्मनी के बीच MOU को मंजूरी भी दे दी गई।





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