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अमेरिका ने वीजा बैन में दी कुछ ढ़ील, कुछ शर्तों पर US जा सकेंगे H-1B होल्डर

अमेरिका ने वीजा बैन में कुछ ढ़ील दी है। अब कुछ शर्तों पर H-1B होल्डर US जा सकेंगे।
अपडेटेड Aug 13, 2020 पर 15:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिका ने वीजा बैन में कुछ ढ़ील दी है। अब कुछ शर्तों पर H-1B होल्डर US जा सकेंगे। ये छूट उन तकनीकी विशेषज्ञों, सीनियर लेवल के मैनेजरों और दूसरे कर्मचारियों के लिए होगी जो जिनकी सेवा अमेरिकी इकोनॉमिक रिकवरी के लिए जरूरी है। 12 अगस्त को जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसे H-1B और L-1 visa धारक अपनी पुरानी नौकरी ज्वाइन करने के लिए फिर अमेरिका आ सकेंगे जिनकी सेवा अमेरिकी इकोनॉमिक रिकवरी के लिए जरूरी है। हालांकि ऐसे लोगों को आवश्यक बुनियादी क्षेत्रों जैसे कम्युनिकेशन, आपात सेवाओं, वित्तीय सेवाओं, फूड, एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियों से जुड़ा होना चाहिए। US Department of State की एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि प्राइमरी वीजा होल्डर के साथ ही उसकी पत्नी और बच्चों को भी अमेरिका आने की अनुमति होगी।


इस एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि इस स्थित में कंपनियों को नए कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए कहना सही नहीं होगा क्योंकि इससे कंपनियों की आर्थिक परेशानी बढ़ जाएगी। एक एमीग्रेशन एटॉर्नी Grey Siskind ने अपने ट्वीट में कहा कि अमेरिकी सरकार के इस फैसले से अमेरिका से बाहर फसे H-1B वीजा धारकों को अपनी पुरानी नौकरी पर लौटने की अनुमति मिलेगी।


बता दें कि 22 जून को US प्रेसीडेंट ट्रंप ने उस आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे जिसके तहत कोविड महामारी से उत्पन्न स्थितियों और अमेरिकन हितों का हवाला देते हुए इस साल के अंत तक के लिए  H-1B जैसे non-immigrant वीजा को सस्पेंड कर दिया गया था। इस आदेश के जरिए अमेरिका ने तकरीबन 3,75 लाख अस्थायी वीजा धारकों और ग्रीन कार्ड आवेदकों की अगले साल तक अपने देश में एंट्री बंद कर दी । सबसे बड़ी बात ये है कि इनमें से कई भारतीय ऐसे हैं, जो इस वक्त महीनों से अपने ही देश में लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए हैं। कई भारतीय अपने परिवार से बिछड़ गए हैं। ट्रंप सरकार के नए आदेश के बाद उन्हें काफी राहत मिली होगी।


गौर तलब है कि  H-1B वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियों को उन क्षेत्रों में कुशल विदेशी कर्मियों को नौकरी पर रखने की अनुमति मिलती है, जहां अमेरिकी पेशेवरों की कमी है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही इस पर लगाम कसी जा रही है। यह वीजा तीन साल के लिए जारी होता है और छह साल तक इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।




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