Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

Vande Bharat Mission | विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस ला सकेंगी प्राइवेट एयरलाइंस

एयरलाइंस को किसी भी प्रकार की उड़ान भरने से पहले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविए एविएशन (DGCA)से परमिशन लेनी होगी।
अपडेटेड May 20, 2020 पर 17:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकार जल्द ही निजी एयरलाइंस को वंदे भारत मिशन में शामिल होने की अनुमति दे सकती है। यह डोमेस्टिक कैरियर्स के लिए एक स्वागत योग्य कदम हो सकता है जिन्होंने पहले ही इस मिशन में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।


इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खारोला द्वारा आज मंत्रालय की एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की गई है जिसके बाद जल्द ही इस संबंध में एक घोषणा किये जाने की उम्मीद है।


आधिकारिक सरकारी सूत्रों के अनुसार प्राइवेट एयरलाइंस की उड़ानों और किराये के बारे में विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस बारे में घोषणा की जा सकती है।


वर्तमान में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ही इस मिशन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। नये प्लान के अनुसार सरकारी एयरलाइंस लंबी दूरी वाली उड़ान पर फोकस करेंगी जबकि प्राइवेट एयरलाइंस कम दूरी के उड़ानों पर फोकस करेंगी। एयरलाइंस को किसी भी प्रकार की उड़ान भरने से पहले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविए एविएशन (DGCA)से परमिशन लेनी होगी।


इस मिशन के तहत विदेशों में फंसे हुए भारतीयों को वापस देश में लाया जाता है जो कोरोना वायरस के कारण मार्च में घोषित हुए लॉकडाउन के कारण वहां फंस गये हैं। प्राइवेट एयरलाइंस को इसमे शामिल करने से वित्तीय रूप से जूझ रहीं कंपनियों को कुछ कमाई के साधन उपलब्ध होंगे और वे नागरिकों को कम किराये पर टिकट उपलब्ध करा सकती हैं।


एक एयरलाइंस अधिकारी के अनुसार ये वित्तीय रूप से कठिनाई का सामना कर रही कंपनियों के लिए अच्छा कदम है। यह माना जा रहा है कि ये कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज वित्तीय रूप से डूब रहे विमानन उद्योग को राहत प्रदान करने में असफल रहा है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।