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किसानों को मालामाल कर देगी वर्मीकम्पोस्ट खाद, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

वर्मीकम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल किसान कर सकते हैं। इसमें किसी भी प्रकार का केमिकल नहीं होता है
अपडेटेड Jun 01, 2020 पर 15:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में कोरोना संकट चल रहा है। इस बीच आंधी, तूफान ने और अधिक मुश्किलें पैदा कर दी है। प्राकृतिक आपदा की मार सबसे अधिक किसानों पर पड़ती है। जब ऐसी प्राकृतिक आपदा की मार किसानों पर पड़ती है तो फिर किसानों को अपनी खेती करने के तरीके में बदलाव करना पड़ता है। किसान जैविक खाद का उपयोग कर सकते हैं। यह सस्ती होती है और कम पैसे में बिना किसी केमिकल के होती है।


देश में सिक्किम एक ऐसा राज्य है जिसने खेती करने के तरीके में काफी बदलाव किया है। इस राज्य ने केमिकल खाद की जगह ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसे ही ऑर्गेनिक खाद है वर्मीकम्पोस्ट खाद। इस खाद में कमिकल का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यानी यह खाद पूरी तरह से केमिकल फ्री होती है। 


जानिए क्या है वर्मीकम्पोस्ट खाद


वर्मीकम्पोस्ट् खाद को बनाने के लिए एक विशेष प्रकार का गड्ढा खोदा जाता है। जिसमें केचुओं को छोड़ दिया जाता है। ये केचुवे जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए खाद बनाते हैं। केचुओं के जरिए बनने वाली इस खाद को ही वर्मी कम्पोस्ट खाद कहते हैं।


कैसे करें इस्तेमाल


वर्मीकम्पोस्ट खाद को खेतों में बुवाई करने से पहले सूखे में डाल देना चाहिए। सब्जी वाली फसलों में वर्मीकम्पोस्ट 2-3 टन प्रति एकड़ की दर से डालना चाहिए। इसी तरह दलहन और तिलहन में भी 2-3 टन वर्मीकम्पोस्ट खाद डालनी चाहिए।    


फायदे


पूरी तरह से जैविक तरीके से तैयार वर्मीकम्पोस्ट में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश क अतिरिक्त कई अन्य तत्व भी पाए जाते हैं। इससे खेती उपजाऊ होती है और पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है।


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