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कारोबार में टिके रहना AGR केस के निर्णय पर करेगा निर्भर: Vodafone-Idea

वोडाफोन-आइडिया ने कहा है कि उसने एजीआर के बकाये के तौर पर 31 मार्च 2020 को समाप्त तिमाही के दौरान 3 किश्तों में 6,850 करोड़ रुपये चुकाए है।
अपडेटेड Jul 01, 2020 पर 18:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) ने 1 जुलाई को कहा है कि उसका कारोबार में टिके रहना एजीआर  (AGR) मामले में आनेवाले निर्णय पर निर्भर करेगा। अगर इस मामले में कंपनी को राहत मिलती है तभी वह अपने कारोबार में टिक पाएगी।


वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) ने एक्सचेजों को दी गई जानकारी में कहा है कि वह टेलीकॉम सेक्टर की समस्याओं को लेकर सरकार से बात कर रही है। इसके अलावा ट्राई ने COAI के जरिए टेलीकॉम कंपनियों के आग्रह पर फ्लोर प्राइसिंग की समीक्षा शुरु कर दी है।


वोडाफोन-आइडिया ने कहा है कि उसने एजीआर के बकाये के तौर पर 31 मार्च 2020 को समाप्त तिमाही के दौरान 3 किश्तों में  6,850 करोड़ रुपये चुकाए हैं।


सुप्रीम कोर्ट में एजीआर मामले की अगली सुनवाई जुलाई के तीसरे हफ्ते में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जून को कहा था कि  टेलीकॉम कंपनियां बगैर किसी सिक्योरिटी के 20 साल में किश्तों में एजीआर भुगतान की पात्र नहीं है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया था कि वह अपने वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराएं और एजीआर भुगतान के लिए रखें गए अपने प्रस्ताव पर विचार के लिए दूरसंचार विभाग को विचार-विमर्श के लिए जुलाई के तीसरे हफ्ते तक का समय दें।


बता दें कि बकाया भुगतान और सब्सक्राइबर बेस में लगातार हो रही गिरावट की वजह वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में  11,643.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इसी तरह वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में भी कंपनी को 6,439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।


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