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उतार-चढ़ाव बना न्यू नॉर्मल, ऐसे बाजार में एक्सपर्ट से जानिये क्या हो निवेश की रणनीति

फिलहाल Sensex और Nifty अपने उच्च स्तरों से क्रमशः 9 और 7 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं
अपडेटेड Apr 21, 2021 पर 17:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

निशांत कुमार


देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद से भारतीय बाजारों में पिछले दो महीनों में बढ़त और गिरावट दोनों तरफ रुझान देखने को मिला है। बाजार के मुख्य सूचकांक  Sensex और Nifty ने फरवरी में क्रमशः अपना उच्च स्तर 52,516.76 और 15,431.75 भी छुआ था। लेकिन फिलहाल Sensex और Nifty अपने उच्च स्तरों से क्रमशः 9 और 7 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं।


उतार-चढ़ाव (Volatility) अब न्यू नॉर्मल बनता जा रहा है और अब COVID-19 बाजार के सेंटीमेंट को लगातार प्रभावित करता दिख सकता है। बाजार में आया हुआ हर उछाल मुनाफा वसूली मे परिवर्तित हो जा रहा है। कल यानी मंगलवार 20 अप्रैल को शेयर बाजार में सेंसेक्स 529 अंकों के उछाल के साथ इंट्राडे में कारोबार करता दिखाई दिया लेकिन मुनाफा वसूली के चलते बाजार की समाप्ति पर सेंसेक्स 244 अंकों की गिरावट के साथ 47,705.80 के स्तर पर बंद हुआ।


CapitalVia Global Research के गौरव गर्ग ने कहा कि बाजार अगले कुछ महीनों के लिए नकारात्मक रुझानों के साथ कंसोलिडेट हो सकता है हालांकि आने वाले महीनों में निफ्टी के लिए 13,600-13,800 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट स्तर बना रहेगा।


Samco Securities की निराली शाह ने  कहा कि जून 2021 तक बेंचमार्क इंडेक्स नैरो रेंज में कंसोलिडेट हो सकते हैं और बाजार में हर उछाल पर मुनाफा वसूली दिख सकती है। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल निफ्टी के लिए 14,250 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है लेकिन स्थितियां बिगड़ी तो ये 13800 तक भी जा सकता है।


Prabhudas Lilladher की वैशाली पारेख ने कहा कि जून महीने तक निफ्टी 14200 के सपोर्ट पर रेंज में कारोबार करता दिखाई दे सकता है और 15500 पर रेजिस्टेंस रहेगा। यदि निफ्टी दृढ़तापूवर्क 14200 का स्तर तोड़ता है तो इसका अगला मेजर सपोर्ट 13500 के स्तर पर होगा।


उतार-चढ़ाव में क्या हो निवेश की रणनीति


Prabhudas Lilladher की वैशाली पारेख ने कहा कि लंबी अवधि के ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं होगा और इस बाजार में निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि IT, pharma और metals आउटपरफॉर्मर हैं। अब banking और auto stocks पर फोकस करना चाहिए।


CapitalVia Global Research के गौरव गर्ग ने कहा कि निवेशकों को बाजार में आये किसी भी करेक्शन में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए और अपने पोर्टफोलियो में क्वालिटी लार्ज कैप्स स्टॉक्स को शामिल करना चाहिए।


गर्ग ने आगे कहा कि Pharma और technology stocks अगले तीन महीनों में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि आंशिक लॉकडाउन के कारण अगले कुछ महीनों में banking, NBFC और real estate सेक्टर में कुछ दबाव दिखाई दे सकता है क्योंकि लॉकडाउन की वजह से इनकी कमाई और एसेट की क्वालिटी पर दबाव आ सकता है।


Samco Securities की निराली शाह ने कहा कि निफ्टी कंसोलिडेट होता दिख रहा है, निवेशकों को उचित रिस्क मैनेजमेंट के साथ कुछ खास स्टॉक में ट्रेड करना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को किसी भी बड़ी गिरावट पर अपने पोर्टफोलियो में क्वालिटी स्टॉक्स शामिल करते रहना चाहिए।


निराली शाह ने आगे कहा कि इस समय निवेशक डिफेंसिव सेक्टर्स जैसे फार्मा और आईटी में एलोकेशन बढ़ा रहे हैं क्योंकि ये सेक्टर कोविड संबंधित प्रतिबंधों से बहुत कम प्रभावित हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ इस समय किसी भी सेक्टर के बहुत ज्यादा बढ़े हुए स्टॉक्स जिसमें ग्रोथ की बहुत कम संभावना हो उनसे दूर रहना चाहिए। वहीं नजदीकी अवधि में अनिश्चितता और बढ़े हुए जोखिम के कारण travel एंड tourism, cinemas जैसे सेक्टर्स में निवेश करने से बचना चाहिए।


(डिस्क्लेमरः  Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )


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