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मोदीनॉमिक्स 2.0 में क्या होगा खास, क्या हैं उम्मीदें

मोदी के आने से क्या हैं शेयर बाजार की उम्मीदें? किन शेयरों, सेक्टरों में लगाएं पैसा।
अपडेटेड May 25, 2019 पर 15:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशाल बहुमत के साथ एक बार फिर प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठने जा रहे हैं। उनके आने की खबर से बाजार में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार में पहली बार निफ्टी 12000 के स्तर के पार गया और पहली बार सेंसेक्स ने भी 40000 का स्तर छुआ।


मोदी के आने से क्या हैं शेयर बाजार की उम्मीदें? किन शेयरों, सेक्टरों में लगाएं पैसा। स्थिर सरकार होने से किन सेक्टरों में लौटेगा जोश। कौन से बड़े फैसले इकोनॉमी में डालेंगे जान
कैसे आएगी इकोनॉमी में जान यह सब जानने के लिए सीएनबीसी आवाज़ के साथ चर्चा कर रहे हैं। रिलायंस निप्पॉन लाइफ AMC के CIO (इक्विटी) मनीष गुनवानी, ICICI प्रुडेंशियल AMC के D&CIO एस नरेन और SBI म्युचुअल फंड के CIO नवनीत मुनोत।


नवनीत मुनोत का कहना है कि अगले 1 साल में बाजार की रैली चौतरफा रहने की उम्मीद है। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीद लौटने की उम्मीद है। जो शेयर अब तक नहीं चले हैं, उनमें खरीद होनी चाहिए। सेंसेक्स के लक्ष्य पर बोलते हुए मुनोत ने कहा कि मुनाफा 20 प्रतिशत बढ़ता है तो इंडेक्स में 12-13 प्रतिशत की तेजी संभव है। 3 साल में सेंसेक्स 12-13 प्रतिशत सालाना बढ़ सकता है। 3 साल में निफ्टी 20,000 तक जा सकता है।


मोदी 2.0 से बाजार की उम्मीदों पर एस नरेन का कहना है कि बाजार अब सस्ता नहीं रहा। इक्विटी, डेट में संतुलन बनाना चाहिए। RBI दरों में बड़ी कटौती के संबंध में नरेन ने कहा कि क्रेडिट पॉलिसी में रेट कट की उम्मीद की जा सकती है।


रेट कटौती पर मनीष गुनवानी की राय है कि  इंडस्ट्री को सस्ती दरों की जरूरत है। लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश भी करनी चाहिए। देश में रियल इंट्रेस्ट रेट ज्यादा है। पिछले 3-4 महीने में इकोनॉमी सुस्त हुई है। गुनवानी का मानना है कि लिक्विडिटी बढ़ाने से हालात सुधरेंगे।