Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

भारत में TikTok और दूसरे चाइनीस ऐप्स का क्यों और कैसे कटा पत्ता?

सरकार ने इन ऐप्स पर इंफार्मेशन एक्ट के सेक्शन 69A और इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स के तहत प्रतिबंध लगाए है।
अपडेटेड Jul 01, 2020 पर 08:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कम्युनिस्ट चाइना कंज्यूमर और इंटरप्राइज टेक्नोलॉजी कंपनियों के जरिए जासूसी करने के लिए कुख्यात है। एक दूसरे के सहयोगी के रुप में चाइनीज सरकार और इस तरह की टेक कंपनियां अब तक संदेह का लाभ उठाती रही हैं। अब जब चाइना का विस्तारवादी चेहरा खुलकर सामने आ गया है तो भारत सरकार ने भी की चाइनीज टेक मुक्त भारत बनाने के लिए कमर कस लिया है।


इस प्रतिबंध के जरिए सरकार का क्या है संदेश?


भारत अपने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करते हुए चाइना को वहां चोट पहुंचाना चाहता है जहां उसको सबसे ज्यादा दर्द पहुंचता है। इन चाइनीज ऐप के लिए भारत एक बड़ा बाजार है जहां ये से अरबों डॉलर कमाया करती हैं। अब ऐसा नहीं हो पायेगा।


किस कानून के तहत लगा ये बैन?


इंफार्मेशन टेक्वनोलॉजी मिनिस्ट्ररी ने इन ऐप्स पर इंफार्मेशन टेक्वनोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69A और इंफार्मेशन टेक्वनोलॉजी रूल्स के तहत प्रतिबंध लगाए हैं।



क्या केवल टिकटॉक पर लगा है प्रतिबंध?


यह प्रतिबंध केवल टिकटॉक पर नही्ं लगा है। 59 चाइनीस ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध की इस सूची पर Shareit, UC Browser, Helo, Club Factory, CamScanner और दूसरे ऐप शामिल हैं।


यह बैन कैसे लागू होगा?


चूंकि इन ऐप्स पर भारत सरकार ने अधिकारिक रुप से प्रतिबंध लगाया है इसलिए गूगल और एप्पल को इनको अपने इंडिया स्टोर से हटाना होगा। इसके अलावा भारत सरकार सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों से इन ऐप से संबंधित सभी सेवाओं को बंद करने का निर्देश दे सकती है। चूंकि ये ऐप सेवाएं इंटरनेट के जरिए चलती हैं। इसलिए इंटरनेट कनेक्टिविटी ना मिलने पर ये बेकार हो जाएंगे।


इन ऐप्स के प्रतिबंधित होने पर क्या मैं इनको वेब ब्राउजर के जरिए यूज कर पाउंगा?


इसकी संभावना नहीं है। सरकार का यह आदेश मोबाइल और नॉन- मोबाइल दोनों तरह के इंटरनेट सेवाओं पर लागू है। इसका मतलब यह है कि इन ऐप्स से संबंधित वेबसाइट भारत में नहीं खुल पाएंगी।


प्रतिबंधित ऐप भारत में कितने लोकप्रिय थे?


यह ऐप काफी लोकप्रिय थे। इसमें से कई ऐप भारत के सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऐप की सूची में सबसे ऊपरी पायदान पर थे। उसमें भी टिकटॉक टॉप पर था।


क्या इन प्रतिबंधित ऐप्स के अच्छे भारतीय विकल्प है?


देश में इनके कई बेहतर भारतीय विकल्प हैं। इनमें से कई दुनियाभर की जानी-मानी अच्छी कंपनियों के ऐप है और कई जानी-मानी विदेशी कंपनियों जैसे Google, Microsoft, Adobe और कई अच्छी भारतीय कंपनियों के ऐप हैं।


क्या जल्दी हटेगा यहा बैन?


इन ऐप्स पर गंभीर आरोप हैं और इनको भारत की डेटा सिक्योरिटी का हवाला देते हुए बैन किया गया है। इसलिए इस बात की संभावना कम है कि इन पर जल्दी से बैन हटेगा।


क्या टिकटॉक पर पहले भी बैन लगा था?


हां, लेकिन पहले यह बैन अदालत के आदेश पर लगा था। मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में इस ऐप पर बैन लगाया था। इस ऐप पर यह आरोप लगा था कि यह ऐप बच्चों के लिए खतरनाक है। हालांकि यह बैन 1 महीने के अंदर ही हटा लिया गया था।


इन प्रतिबंधित ऐप में दर्ज हमारे डेटा का क्या होगा?


बैन किए गए तमाम ऐप्स से किसी के पर्सनल डेटा को आसानी से डाउनलोड करना संभव नहीं है। अगर इन ऐप्स में इस तरह का कोई विकल्प है तो आपको व्यक्तिगत तौर पर यह फाइल डाउनलोड करना होगा लेकिन यह अपने में बहुत मुश्किल काम है। अपनी फाइल और ऐप में दर्ज दूसरी सूचनाओं को डिलीट करने का यह मतलब नहीं है कि ऐप के रिकॉर्ड में आपसे संबंधित सारी सूचनाएं इरेज हो गई हैं।



क्या सिर्फ 59 चाइनीस ऐप ही है?


नहीं और बहुत सारे चाइनीस ऐप है लेकिन सिर्फ 59 सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऐप कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम  (CERT-IN) के रेडार पर आए हैं।


क्या और चाइनीस ऐप पर प्रतिबंध लग सकता है?


इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इनके अलावा और भी बहुत से चाइनीज ऐप है जो भारत में बहुत ज्यादा यूज होते है। इन ऐप की डेटा सिक्योरिटी भी संदिग्ध है।


चाइनीस फोन और दूसरे उपकरणों का क्या होगा?


इस संदर्भ में सरकार का क्या रुख होगा इसपर कोई जानकारी नहीं है।


प्रतिबंधित के इस सूची में PUBG और Zoom क्यों नहीं है?


PUBG मूल रूप से साउथ कोरिया में डेवलप किया गया गेम है जबकि Zoom एक अमेरिकन ऐप है।  Zoom के फाउंडर औऱ सीईओ Eric Yuan चाइना में पैदा हुए थे लेकिन वर्तमान में वह अमेरिकी नागरिक है।


अब आगे क्या होगा?


यह प्रतिबंध चीन के प्रति भारत की वर्तमान नीतियों का एक हिस्सा है। भारतीय बंदरगाहों पर चीन से आए सामान फंसे पड़े हैं। तमाम सरकारी संगठनों और संस्थानों के साथ हुए चाइनीज करार रद्द हो रहे हैं। भारत अपने को एक तरह से चाइना मुक्त करने पर लगा हुआ है हालांकि यह कठिन काम है लेकिन मोदी सरकार इस दिशा में काम करती दिख रही है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।