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ग्रेच्युटी के नियमों में मोदी सरकार कर सकती है बदलाव, कमर्चारयों को होगा फायदा

मोदी सरकार कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी में 5 साल को कम करने की तैयारी कर रही है।
अपडेटेड Oct 31, 2019 पर 08:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

किसी भी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए संबंधित कंपनी में 5 साल काम करना पड़ता हैष लेकिन अब मोदी सरकार ग्रेच्युटी के लिए 5 साल के टाइम को घटाने की तैयारी कर रही है। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो मोदी सरकार अब नौकरी पेशा लोगों के लिए एक बड़ा गिफ्ट देने की तैयारी कर कर ही है। सरकार इसके लिए आने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में बिल पेश कर सकती है।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए ग्रेच्युटी की निर्धारित समय सीमा को घटा सकती है। मौजूदा समय में ग्रेच्युटी की समय सीमा 5 साल है। जल्द ही सरकार इसके टाइम को कम करने की तैयारी कर रही है। सरकार इसे 5 साल के बजाय 1 साल करने की तैयारी कर रही है। यानी अगर आपने किसी कंपनी में एक साल काम किया है तो आप ग्रेच्युटी के हकदार हो गए। इसका सबसे बड़ा फायदा निजी कंपनियो के कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि इसकी अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शीतकालीन सत्र में इस बिल को पेश किया जा सकता है।


ग्रेचुयटी कर्मचारियों को मिलने वाली एक प्रकार की रकम है। जो कर्मचारियों को एक्सट्रा लाभ देता है। ग्रेच्युटी के तौर पर कर्मचारियों को एक मुश्त फंड मिलता है। ये फंड कर्मचारी की सर्विस और समय सीमा के आधार पर तय किया जाता है।


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