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शी जिनपिंग और ट्रंप की जून में होगी मुलाकात

प्रकाशित Tue, 14, 2019 पर 14:47  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ट्रेड वॉर में एक दूसरे को आंख दिखाने वाले अमेरिका और चीन की पिछली कई मीटिंग्स बेनतीजा रहीं। ट्रेड वॉर के जरिए सुर्खियों में आए अमेरिका और चीन की मुलाकात जब भी होती है। हमेशा सुर्खियां बटोरती है। ऐसे में अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जापान के ओसाका में अगले महीने जून में होने वाले जी-20 बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में भारत भी हिस्सा ले रहा है। जहां लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पीएम मोदी की पहली मुलाकात हो सकती है। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने शी और पुतिन के अलावा किसी और नेता से मुलाकात करने जिक्र नहीं किया है। 




  इस बीच अमेरिका भी अपने खराब हुए संबंधों को सुधारना चाहता है। ट्रंप प्रशासन के हवाले से अमेरिका रूस संबंधों को सुधारने के संकेत मिल रहे हैं। ट्रंप ने खुद घोषणा की है कि वो रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने कई मामलों का हवाला देते हुए आगे कहा कि, हमारा एनर्जी बिजनेस सबसे बड़ा है। यह रूस और साउदी अरब से भी बड़ा है। यह सब मैने राष्ट्रपति बनने के बाद किया। 




दरअसल, अमेरिका के विदेश मंत्री पोम्पिओ और रूस के राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव की मंगलवार को सोची में मुलाकात होगी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पोम्पिओ मास्को नहीं जाएंगे बल्कि सीधे सोची जाएंगे। जहां यूक्रेन, वेनेजुएला, ईरान, सीरिया और उत्तर कोरिया सहित वैश्विक मामलों पर रूस के नेतृत्व में चर्चा करेंगे। इसके अलावा द्वपक्षीय संबंधों में आ रही चुनौतियों पर भी बातचीत करेंगे।
पम्पिओ ने सीएनबीसी को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि राष्ट्रपति टंप ने मुझे रूस जाकर कई मुद्दों पर बातचीत करने के लिए कहा है।



पम्पिओ ने ये भी बताया कि अमेरिकी चुनाव में रूस की बढ़ती दखलंदाजी पर भी चर्चा करेंगे।




आपको बता दें कि, टंप और पुतिन की पिछले साल अर्जेंटिना के ब्यूनस एयर्स में जी-20 बैठक के दौरान मुलाकात होने वाली थी, लेकिन केर्च की घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंतिम समय में इस मुलाकात को रद्द कर दिया था। ट्रंप ने कहा था कि रूस द्वारा रूसी समुद्री सीमा का उल्लंघन करने पर हिरासत में लिए गए यूक्रेन नाविकों को रिहा करने के बाद ही पुतिन के साथ शिखर वार्ता संभव हो सकती है। इस बीच मई के शुरुआत में दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बात की थी और नए परमाणु समझौते सहित द्वीपक्षीय व्यापार बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।