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Covid-19 के बढ़ते मामले और Lockdown का रीटेलर्स पर पड़ेगा काफी असर- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, Lockdown का परिधान (Apparel), किराना (Grocery), आभूषणों (jewellery) और फास्ट-फूड चेन की रीटल बिक्री पर असर पड़ेगा
अपडेटेड Apr 10, 2021 पर 18:20  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ब्रोकरेज एडलवाइज सिक्योरिटीज (Edelweiss Securities) की मार्च तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले और उसे रोकने के लिए गए प्रतिबंध (Lockdown) का परिधान (Apparel), किराना (Grocery), आभूषणों (jewellery) और फास्ट-फूड चेन की रीटल बिक्री पर असर पड़ेगा।


रिपोर्ट के मुताबिक, "कोरोना के मामले कम होने पर हमने दोबारा फैक्टिरिंग शुरू कर दी थी, लेकिन ये चिंताएं फिर से सता रही हैं। महाराष्ट्र के नक्शेकदम पर दूसरे राज्यों में भी लॉकडाउन लागू हो सकता है। विशेषकर महाराष्ट्र केंद्रित खुदरा विक्रेताओं पर इसका काफी असर हुआ है। DMart ने पहले से ही मार्च में इसके प्रभाव की जानकारी दी था, इसके अलावा Westlife Development और Shoppers Stop जैसे रीटेलर्स भी इससे प्रभावित हुए हैं।"


कुल मिलाकर, रिपोर्ट में कहा गया है, Q4FY21 बाजार में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इस साल मार्केट में डिमांड बढ़ने से आय में एक अलग-अलग रीटेलर्स के लिए 25 फीसदी मजबूत सुधार होगा।


8 अप्रैल को एक रिपोर्ट में कहा, "मार्जिन ट्रेजेक्ट्री में सुधार हो रहा है, लेकिन कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर परिधान के लिए, पिछले कुछ महीनों में यार्न की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।"


पिछले साल रिटेलर्स को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ना, जिसमें कैटेगरी के बीच अलग-अलग रुझान देखने को मिले थे। इसमें दूसरों के मुकाबले ग्रेसरी रीटेलर्स के हालात कुछ सही थे। रेस्टोरेंट की डाइन-इन सर्विस भी काफी समय से बंद रहीं और इससे भी काफी असर पड़ा।


साल की शुरुआत के दो महीनों में कई रीटेलर्स ने हालात में सुधार की जानकारी दी, क्योंकि तब देश में संक्रमण के मामले घटने लगे थे और ग्राहक वापस से बाजार में लौट आए थे, लेकिन अब एक बार फिर Covid-19 केस बढ़ रहे हैं, जिससे एक बार फिर रीटेलर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र जैसे राज्य सख्त प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं।


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