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Mutual Funds में करते हैं निवेश, तो समझें इस पर लगने वाले इनकम टैक्स का पूरा गणित

ELSS योजना में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं
अपडेटेड May 07, 2021 पर 09:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

निवेशक टैक्स बचाने के लिए म्यूचुअल फंड (Mutual funds) में निवेश करते हैं। ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम टैक्स बचाने वाली म्यूचुअल फंड स्कीम है, जो लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है। इस योजना में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।


Mutual funds में निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिलता है। लेकिन इसमें निवेश रते समय इंवेस्टर्स को निवेशकों को टैक्स का काफी ध्यान रखना पड़ता है। म्यूचुअल फंड दो तरीकों के लाभ देता करता है- कैपिटल गेन और डिविडेंट। कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है जिसे निवेशक चुकाता है, वहीं म्यूचुअल फंड्स डिविडेंट पर जो टैक्स लगता है उसे डिविडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) भी कहते हैं, और इसे फंड हाउस (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) द्वारा चुकाया जाता है।


म्यूचुअल फंड को भुनाने (Mutual Fund Withdrawal) से पहले इस पर लगने वाले इनकम टैक्स (Income Tax) का गणित समझना बहुत जरूरी है। म्यूचुअल फंड में इक्विटी (Equity) और डेट (Debt) के लिए टैक्स देनदारी अलग-अलग होती है।


यदि आपका म्यूचुअल फंड मैनेजर फंड की राशि का 65% निवेश शेयर बाजार में लिस्टेड घरेलू कंपनी में करता है तो इसे इक्विटी म्यूचुअल फंड कहते हैं। इनमें 1 साल से ज्यादा वक्त के निवेश को लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है। वहीं, 12 महीने से पहले ही उसे भुना लेने पर शार्ट टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है।


इक्विटी ऑरिएंटेड स्कीम के अलावा अन्य सभी म्यूचुअल फंड स्कीम जैसे डेट, लिक्विड, शॉर्ट टर्म डेट, इनकम फंड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान में निवेश 3 साल या 36 महीने तक रहता है तो इसे लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है। वहीं, 36 महीने से पहले यदि इसे भुनाया तो यह शार्ट टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है।


इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों पर टैक्स


इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम में 12 महीने से ज्यादा वक्त तक के निवेश से मिले रिटर्न पर 10% लॉन्ग टर्म गेन टैक्स लगता है। हालांकि, 1 लाख रुपये तक के रिटर्न पर लॉन्ग टर्म गेन टैक्स नहीं लगता है। लेकिन 12 महीने से पहले इसे विड्रॉ कर लेने पर 15% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है।


डेट म्यूचुअल फंड स्कीमों पर टैक्स


डेट म्यूचुअल फंड या दूसरे लिक्विड फंड्स में 36 महीनों से अधिक समय तक होल्ड किए गए यूनिटों पर लॉन्ग टर्म टैक्स लगता है। इंडेक्सशन के बाद इस पर 20% टैक्स लगता है। वहीं, 36 महीने से पहले इसे विड्रॉ करने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है, जो निवेशक के टैक्स स्लैब पर आधारित होता है।


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