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प्रमोटर ने इन शेयरों में गिरवी शेयर घटाएं, जानिए आपको क्या करना चाहिए

इस दौरान प्रमोटर ने कुछ शेयरों में अपनी गिरवी शेयरों की संख्या बढ़ाई भी है
अपडेटेड Aug 17, 2019 पर 12:58  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बाजार के इस बुरे दौर के बीच निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। आंकड़ों से पता चला है कि BSE500 कंपनियों के प्रमोटर ने तिमाही आधार पर अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई है और गिरवी शेयरों की संख्या घटाई है।


कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपने एक हालिया नोट में लिखा था कि अप्रैल-जून तिमाही में प्रमोटर्स के गिरवी शेयरों का आंकड़ा घटकर 2.47 फीसदी रह गया है। इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में यह 2.83 फीसदी था। जून के अंत तक प्रमोटर्स के गिरवी शेयरों की संख्या 1.73 लाख करोड़ था। यह BSE 500 के टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन के मुकाबले 1.21 फीसदी था।
 
प्रमोटर के शेयर गिरवी रखना कोई नया ट्रेंड नहीं है और ना ही इसे गलत माना जाता है। लेकिन ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था में स्लोडाउन है तब ऐसी कंपनियों में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है जिनमें प्रमोटर की बड़ी हिस्सेदारी गिरवी रखी है।


गिरवी शेयरों में कमी निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। जून तिमाही में जिन टॉप 30 कंपनियों में प्रमोटर ने अपने गिरवी शेयरों की संख्या घटाई है उनमें CG Power and Industrial Solutions, Sterlite Technologies, Indiabulls Real Estate, Himatsingka Seide, India Cements, Sadbhav Engineering, Indiabulls Housing Finance, Advanced Enzyme Technologies, Jubilant FoodWorks औप Adani Ports शामिल है।  


CapitalAim के हेड ऑफ रिसर्च रोमेश तिवारी ने कहा कि गिरवी शेयरों में कमी आना इस बात का संकेत है कि प्रमोटर का भरोसा अपनी कंपनी पर बरकरार है। लिहाजा निवेशक भी उनपर भरोसा कर सकते हैं।


हालांकि कुछ शेयरों में प्रमोटर ने और शेयर गिरवी रखे हैं। इनमें Eveready Industries, Lemon Tree Hotel, Orient Electric, Chambal Fertilisers & Chemicals और Jindal Steel & Power है।


जून में मार्केट रेगुलेटर सेबी ने प्रमोटर के गिरवी शेयरों के डिस्क्लोजर से जु़ड़े नियम सख्त कर दिए हैं। अगर कुल गिरवी हिस्सेदारी कंपनी के इक्विटी कैपिटल के 20 फीसदी से ज्यादा होता है तो प्रमोटर को उसकी वजह बतानी होगी। सेबी ने यह कदम म्यूचुअल फंड सेक्टर की मुश्किलों को देखते हुए उठाया है।



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