Asian Market Today: एशिया बाजारों में आज बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। निवेशक शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों में आई भारी गिरावट का असर नए हफ्ते में भी लेकर आए। साथ ही, निवेशक कंपनियों की कमाई के आंकड़ों और चीन के आर्थिक डेटा के आने से पहले सतर्क नजर आ रहे है।
जापान के बाजार पर सबसे बुरा असर पड़ा, जहां निक्केई 225 इंडेक्स 2.15% गिर गया, जबकि व्यापक टोपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.17% की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया में कोस्पी (Kospi) 1.60% नीचे आ गया। भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत कैसी होगी) ने बाजार के लाल निशान (गिरावट) के साथ खुलने का अनुमान जताया है ।
इस बीच चीन के बाजारों पर भी सबकी नजरें थीं। पिछले हफ्ते, वहां के अधिकारियों ने शेयरों को सहारा देने के लिए कदम उठाए थे। उन्होंने कंपनियों और सरकारी फंडों से शेयर खरीदने को कहा और कुछ निवेशकों को बिकवाली करने से रोका। ये कदम टेक शेयरों में आई उस गिरावट के बाद उठाए गए थे, जिसने CSI 300 इंडेक्स को अगस्त 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।
जापानी येन 157.89 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6839 पर बना रहा।
शुक्रवार को US INDICES में रही तेज गिरावट
शुक्रवार को हुए नुकसान के बाद, अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स ने कुछ राहत दी। S&P 500 इंडेक्स के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.2% और नैस्डैक 100 के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.5% की बढ़त दिखी। शुक्रवार को ये दोनों इंडेक्स गिरे थे, और उस दिन फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 3.8% की भारी गिरावट आई थी।
इस हफ्ते S&P 500 की 70 से ज्यादा कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी, जिनमें टेस्ला और मेटा प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। पिछले हफ्ते की उठापटक के बाद, अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों पर फिर से सबकी नजरें टिकी हैं। सोमवार को चीन के तीसरी तिमाही के GDP (सकल घरेलू उत्पाद) के आंकड़े और अन्य डेटा भी जारी होने वाले हैं।
इस बात को लेकर भी चिंताएं हैं कि क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी खर्च पर्याप्त रिटर्न दे पाएगा। बॉन्ड मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, और ईंधन तथा खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती महंगाई केंद्रीय बैंकों पर दबाव डाल रही है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व 28 अक्टूबर को अपनी नीतिगत फैसले की घोषणा करेगा। इससे पहले, फेड ने 'कम्युनिकेशंस ब्लैकआउट' (संवाद पर रोक) लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि नीति-निर्माताओं की ओर से फिलहाल ट्रेडर्स को कोई दिशा-निर्देश नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे कीव को रूस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस आरोप ने दोनों नेताओं के बीच एक हफ्ते से चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इस दावे को खारिज करते हुए कहा, "मैं रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में शांति के लिए बातचीत कर रहा हूँ। मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता जिससे रूस बातचीत की मेज़ से दूर हो जाए—ऐसा करना मूर्खता होगी। बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है।"
इस बीच, तेल की कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन ये अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। शुक्रवार को बढ़त के बाद, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.7% की गिरावट आई और यह 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुँच गया। इस स्तर से महंगाई को लेकर चिंताएँ बढ़ती हैं और ब्याज दरों को लेकर स्थिति और जटिल हो जाती है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 0.2% घटकर 101.16 डॉलर प्रति बैरल रह गई।
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