CNBC-AWAAZ EXCLUSIVE- पेपर के दाम 2000-3000 प्रति MT तक बढ़े, पेपर स्टॉक्स में जोरदार उछाल

CNBC-AWAAZ EXCLUSIVE- पेपर के दाम 2000-3000 प्रति MT तक बढ़े, पेपर स्टॉक्स में जोरदार उछाल

पेपर मिलों ने पिछले 1 महीने में पेपर के दाम 10-12% तक बढ़ाये हैं

अपडेटेड Oct 05, 2021 पर 1:50 PM | स्रोत : CNBC Awaaz

पेपर बनाने वाली कंपनियों ने पेपर के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। सीएनबीसी-आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि कीमतों में 10-12% तक बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद आज पेपर से जुड़े स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। कंपनियों ने पेपर के दाम 2000-3000/MT तक इजाफा किया है।

सूत्रों के मुताबिक पेपर मिलों ने अक्टूबर डिलीवरी के दाम बढ़ाए हैं। पेपर की कीमतों में करीब 2 हजार से 3 हजार रुपये प्रति मैट्रिक टन की बढ़ोत्तरी की गई है। पिछले 1 महीने में पेपर के दाम 10-12% बढ़े हैं। दिग्गज कंपनी ITC ने भी दाम बढ़ाने की पु्ष्टि की है।

मिली जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से दाम में बढ़ोतरी की गई है। वहीं कोल, वेस्ट पेपर महंगा होने से दाम बढ़े हैं जबकि स्कूल, दफ्तर खुलने से पेपर मांग में बढ़ोतरी नजर आई है। पेपर के दाम बढ़ने से jk paper, itc, malu paper, west coast paper, seshasayee paper जैसे स्टॉक्स में आज जोरदार उछाल देखने को मिला है।

पेपर के दाम बढ़ने को कारणों पर अधिक जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि पिछले 1 महीने में पेपर कंपनियों ने पेपर के दाम बढ़ाने शुरू किये हैं। इसके पीछे की मुख्य वजहों में चीन की पेपर मिलों द्वारा पेपर की कीमतें बढ़ाना शामिल है। वहां पर रॉ मटेरियल के भाव बढ़ने, प्रोडक्ट की मांग बढ़ने और पावर शॉर्टेज के कारण चीन की कंपनियों ने दाम बढ़ाये हैं जिसका असर भारतीय कंपनियों पर भी दिखाई दिया है।

जहां तक भारतीय कंपनियों की बात है तो 25 सितंबर के बाद से पेपर कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाने शुरू किये हैं। आईटीसी और सेंचुरी टेक्सटाइल्स के पेपर डिवीजन ने पिछले महीने से ही अपने पेपर प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने शुरू कर दिये थे। वहीं जेके पेपर ने भी अपने दाम बढ़ाये थे।

यतिन ने आगे कहा कि कंपनियों ने हर प्रकार के पेपर के दाम बढ़ाये हैं फिर चाहे वह लिखने के लिए उपयोग होने वाला पेपर हो, चाहे प्रिंटिंग के लिए उपयोग होने वाला पेपर हो, यहां तक कि पैकेजिंग में उपयोग होने वाले पेपर के दाम भी कंपनियों ने बढ़ाये हैं।

भारतीय कंपनियों के मुताबिक पेपर बनाने के लिए लगने वाला कच्चा माल, विविध प्रकार के केमिकल्स और सोडा, वेस्ट पेपर, ट्रांसपोर्टेशन के दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों की इनपुट कॉस्ट या लागत बढ़ गई है जिसकी वजह से कंपनियों ने पेपर के दाम बढ़ाये हैं।

इसके अलावा पेपर की मांग प्री कोविड लेवल पर पहुंच गई है। कोविड के नियंत्रण में आने की वजह से कार्यालयों में कामकाज बढ़ गया है। वहां पर पेपर की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा स्कूलों के खुलने की वजह से भी पेपर कंपनियों के प्रोडक्शन में इजाफा करना पड़ा है जिसकी वजह से दाम बढ़ाये गये हैं।

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First Published: Oct 05, 2021 1:50 PM

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