Elecon Engineering shares Price: शेयर बाजार में सोमवार 28 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर बाजार में गिरावट के बीच Elecon Engineering के शेयर आज इंट्राडे में 7 फीसदी की तेजी दिखाते नजर आ रहा। बता दें कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये पर दबाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।बाज़ार मंगलवार को निफ्टी और बैंक निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स की महीने के आखिर में होने वाली एक्सपायरी की ओर भी बढ़ रहा है, जिससे उतार-चढ़ाव बढ़ने की उम्मीद है।
बता दें कि बाजार में कमजोरी के बावजूद Elecon Engineering के शेयरों में पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन में 16% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।
Axis Securities ने Elecon Engineering के शेयर पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए 505 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा मार्केट प्राइस (CMP) से लगभग 10% ज़्यादा है और यह स्टॉक ब्रोकरेज की 'पिक ऑफ द वीक' (हफ़्ते का पसंदीदा शेयर) है।
ब्रोकरेज ने कंपनी के मज़बूत ऑर्डर बुक, ऑर्डर मिलने की अच्छी रफ़्तार, बेहतर होते एक्सपोर्ट और गियर डिवीज़न में ग्रोथ को इसके आउटलुक को सपोर्ट करने वाले मुख्य कारण बताया है।
Axis Securities के अनुसार, Elecon ने ₹1,518 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक हासिल किया, जबकि Q1 FY27 में तिमाही ऑर्डर इनफ़्लो ₹755 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल (YoY) 23% ज़्यादा है। ब्रोकरेज ने कहा कि गियर और मटीरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट (MHE) डिवीज़न में अच्छे बैकलाग से कई तिमाहियों तक रेवेन्यू का अंदाज़ा मिलता है। इसने आगे कहा कि Q1 FY27 के आखिर में मिले एक्सपोर्ट ऑर्डर से Q2 FY27 से बेहतर रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।
Axis Securities ने कहा कि गियर डिवीज़न कंपनी की ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है, जिसका Q1 FY27 का रेवेन्यू साल-दर-साल 16% बढ़कर ₹416 करोड़ हो गया। डिवीज़न का ऑर्डर बुक भी साल-दर-साल 47% बढ़कर ₹1,043 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज ने कहा कि डिवीज़न के तिमाही ऑर्डर इनटेक में ज़्यादा कीमत वाले इंजीनियर और कस्टमाइज़्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी लगभग 73% थी, जो इसके प्रोडक्ट्स की मज़बूत मांग को दिखाता है।
वहीं, प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी के कारण Q1 में MHE का रेवेन्यू साल-दर-साल 2.9% घटकर ₹105 करोड़ रह गया। हालांकि, एक्सिस सिक्योरिटीज ने बताया कि मांग बनी हुई है; MHE ऑर्डर इनटेक सालाना आधार पर 38.1% बढ़कर ₹185 करोड़ हो गया, जबकि इसका ऑर्डर बुक बढ़कर ₹475 करोड़ हो गया।
ब्रोकरेज ने एक्सपोर्ट को एलेकॉन के लिए ग्रोथ का एक और संभावित कारण बताया। विदेशी रेवेन्यू सालाना आधार पर 21.9% बढ़कर ₹151 करोड़ हो गया, और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में इसका योगदान Q1 FY26 में 25% से बढ़कर 29% हो गया।
इस ग्रोथ में यूरोप में मौजूद इसकी सब्सिडियरी कंपनियों (बेंज़लर्स और रैडिकॉन ) के ऑपरेशनल रिकवरी और लगातार बनी हुई ग्लोबल मांग का योगदान रहा।
एक्सिस सिक्योरिटीज ने हाल ही में मिले इंटरनेशनल ऑर्डर (जिसमें ₹21 करोड़ का विदेशी पोर्ट इक्विपमेंट ऑर्डर भी शामिल है ) को ग्लोबल इंडस्ट्रियल मार्केट में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी के सबूत के तौर पर भी बताया।
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