सरकार चार पीएसयू बैंकों में हिस्सेदारी हल्की करने पर विचार कर रही है। यह जानकारी एक सरकारी सूत्र ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दी। सूत्र के मुताबिक पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों को पूरा करने के लिए ही सरकार इसमें हिस्सेदारी बेचेगी। वित्त मंत्रालय इसे लेकर केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी ले सकती है। सूत्र के मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक में हिस्सेदारी हल्की कर सकती है। अभी सरकार की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 93 फीसदी से अधिकस इंडियन ओवरसीज बैंक में 96.4 फीसदी, यूको बैंक में 95.4 फीसदी और पंजाब एंड सिंध बैंक में 98.3 फीसदी हिस्सेदारी है।
ऑफर फॉर सेल के तहत सरकार बेचेगी हिस्सेदारी
सरकारी सूत्र के मुताबिक सरकार चार सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी हल्की करने पर विचार कर रही है। जानकारी के तहत शेयरों की यह बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए हो सकती है। इस खुलासे का असर शेयरों पर भी दिखा और इनके भाव 3-4 फीसदी उछल गए।
क्यों बन रही हिस्सेदारी बेचने की योजना
बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नियमों के मुताबिक लिस्टेड कंपनियों को कम से कम 25 फीसदी होल्डिंग पब्लिक के लिए रखनी है यानी कि प्रमोटर्स के पास अधिकतम 75 फीसदी हिस्सेदारी ही हो सकती है। हालांकि सरकारी कंपनियों को इस नियम को पूरा करने के लिए अगस्त 2026 तक की राहत मिली है। हालांकि सूत्र ने यह नहीं बताया है कि सरकार इस डेडलाइन तक इस नियम का पालन कर सकगी या यह विस्तार की मांग कर सकती है? चारों बैंकों में सरकार कितनी और कब हिस्सेदारी हल्की करेगी, इस पर मार्केट की परिस्थितियों के हिसाब से फैसला होगा।