GST collection अक्टूबर में 1.3 लाख करोड़ के पार, सालाना आधार पर 24%की दिखी बढ़त

GST collection अक्टूबर में 1.3 लाख करोड़ के पार, सालाना आधार पर 24%की दिखी बढ़त

इसके पहले अप्रैल 2021 में जीएसटी कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार गया था।

अपडेटेड Nov 01, 2021 पर 3:29 PM | स्रोत : Moneycontrol.com

अक्टूबर 2021 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार रहा है। यह जीएसटी के लॉन्च के बाद से अब तक दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा रहा है। इसके पहले अप्रैल 2021 में जीएसटी कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार गया था।

अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1,30,127 करोड़ रुपये पर रहा है। जिसमें से 23,861 करोड़ रुपये CGST का, 30,421 करोड़ रुपये का SGST,67,361 करोड़ रुपये का  IGST का और 8,484 करोड़ रुपये का सेस कलेक्शन रहा है। सेस कलेक्शन में 699 करोड़ रुपये का योगदान इंपोर्ट की जाने वाली वस्तुओं पर लागू सेस का रहा है।

सरकार ने अपने एक बयान में कहा है कि अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन इकोनॉमिक रिकवरी के अनुरुप अनुमान के मुताबिक ही रहा है। देश की इकोनॉमी में रिकवरी की पुष्टि हर महीने जनरेट होने वाले ई-वे बिल से भी होती है। इस बयान में यह भी कहा गया है कि यदि सेमी कंडक्टर की सप्लाई में बाधा आने की वजह से कार और दूसरे प्रोडक्टस की बिक्री में गिरावट ना हुई होती तो जीएसटी कलेक्शन का यह आंकड़ा और ज्यादा होता।

इस बयान में यह भी बताया गया है कि सरकार ने IGST में रेगुलर सेटलमेंट के तौर पर CGST के 27,310 करोड़ रुपये और SGST के 22,394 करोड़ रुपये का सेटलमेंट किया है।

अक्टूबर महीने के दौरान वस्तुओं के विदेशी आयात से होने वाली आय सालाना आधार पर 39 फीसदी ज्यादा रही है। इसी तरह घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली आय जिसमें सेवाओं के  आयात से होने वाली आय सालाना आधार पर 19 फीसदी ज्यादा रही है।

आज ही आए आंकड़ों के मुताबिक रिकवरी के रास्ते पर चल  रहे भारत में उत्पादन गतिविधियों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। मांग में बढ़ोतरी और कोविड की स्थिति में सुधार से ओवर ऑल इकोनॉमी में सुधार देखने को मिल रहा है। मंथली IHS मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI)के 1 नवंबर को जारी सर्वे के मुताबिक देश की मैन्युफैक्चरिंग PMI अक्टूबर महीने में 55.9 पर रही है। वहीं सितंबर में ये 53.7 और अगस्त में 52.3 पर रही थी। PMI मानक पर नजर डालें तो 50 के ऊपर के मीन का मतलब होता है कि इकनॉमी में विस्तार हो रहा है, जबकि 50 के नीचे मतलब इकोनॉमी में गिरावट  का संकेत होता है। फरवरी के बाद यह लगातार चौथा महीना है जब इन आंकड़ों में तेजी देखी जा रही है।

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First Published: Nov 01, 2021 3:29 PM