Latent View Analytics: बंपर लिस्टिंग के बाद सिर्फ 2 दिन में 40% चढ़े कंपनी के शेयर, निवेशकों का क्या करना चाहिए?

Latent View Analytics: बंपर लिस्टिंग के बाद सिर्फ 2 दिन में 40% चढ़े कंपनी के शेयर, निवेशकों का क्या करना चाहिए?

Latent View Analytics के शेयर इसी हफ्ते मंगलवार को 148% के भारी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए थे

अपडेटेड Nov 25, 2021 पर 1:52 PM | स्रोत : Moneycontrol.comLatent View Analytics

लैटेंट व्यू एनालिटिक्स (Latent View Analytics) के शेयरों की बंपर लिस्टिंग के बाद से ही इसमें जबरदस्त रैली देखी जा रही है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 18 पर्सेंट उछलकर 65 रुपये के भाव पर पहुंच गए। इस तरह से यह शेयर लिस्टिंग के बाद से अब तक सिर्फ तीन कारोबारी सत्र में करीब 40 पर्सेंट का रिटर्न दे चुका है। Latent View Analytics के शेयर इसी हफ्ते मंगलवार को 148 पर्सेंट के भारी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए थे। आईपीओ का इश्यू प्राइस 197 रुपये था।

एक रिसर्च एनालिस्ट ने बताया, "आउटसोर्सिंग एनालिटिक्स कंपनियों को अपना रेवेन्यू 50 मिलियन डॉलर के पार ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। MuSigma और Fractal Analytics के केस में हम ये पहले भी देख चुके हैं। लैंटेट व्यू का रेवेन्यू भी पिछले 3 सालों से लगभग स्थिर रहा है। ऐसे में मेरा सुझाव यह है कि हमें इसमें निवेश के लिए और ग्रोथ बढ़ने का इंतजार करना चाहिए।"

एनालिस्ट का मानना है कि Latent View का वैल्यूएशन लिस्टिंग के बाद थोड़ा महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि लिस्टिंग गेन वाले ग्राहकों को इस शेयर से निकल जाना चाहिए और फिर बाद में अधिक ग्रोथ और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखने पर निवेश करना चाहिए।

Latent View Analytics के आईपीओ को सभी कैटेगरी के निवेशकों से बंपर प्रतिक्रिया मिली थी और यह 326.49 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ था। यह भारत का अब तक का सबसे अधिक निवेश किया जाने वाला आईपीओ है। 600 करोड़ रुपये के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 190 से 197 रुपये तय हुआ था।

वहीं एक दूसरे एनालिस्ट ने बताया, "हम निवेशकों को मौजूदा स्तर पर 50 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने की सलाह देते हैं। वहीं बाकी 50 पर्सेंट हिस्से के लिए वह स्टॉक के 650 रुपये के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद कर सकते हैं। कंपनी का रेवेन्यू मॉडल स्थिर है, इसलिए लंबे समय में निवेशकों को फायदा हो सकता है।"

वहीं GCL सिक्योरिटीज लिमिटेड के वाइस चेयरमैन रवि सिंघल ने कहा, "चूंकि इस कंपनी में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं, इसलिए इस शेयर को लंबी अवधि के लिए रखना चाहिए। मेरा मानना है कि अगले तीन साल में इसकी वैल्यू कम से कम दोगुना हो जाएगी।"

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First Published: Nov 25, 2021 1:52 PM

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