Marcellus Investment के सौरभ मुखर्जी ने कहा- 'किसी PSU स्टॉक में नहीं किया निवेश' बताई दिलचस्प वजह

Marcellus Investment के सौरभ मुखर्जी ने कहा- 'किसी PSU स्टॉक में नहीं किया निवेश' बताई दिलचस्प वजह

सौरभ के मुताबिक अगले 12 महीने फाइनेंशियल सेक्टर के लिए अच्छे रहेंगे

अपडेटेड Oct 27, 2021 पर 7:38 PM | स्रोत : CNBC Awaaz

शेयर बाजारों के लिए ये साल यानी कि 2021 बहुत बढ़िया रहा। कोई भी सेक्टर पर नजर डालें तो उसमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। करीब-करीब हर सेक्टर में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है और पूरे साल बाजार ने तेजी का लुत्फ उठाया। अब इस दिवाली से अगली दिवाली तक बाजार में कहां निवेश के मौके बन रहे हैं और बाजार के दिग्गज फंड मैनेजर किन सेक्टर्स पर मुनाफे के लिए अपनी नजर गड़ाये हुए हैं।

बाजार में निवेश की रणनीति के बारे में आज सीएनबीसी-आवाज़ ने Marcellus Investment के फाउंडर सौरभ मुखर्जी से बातचीत की जिसमें उन्होंने बताया कि अपने यहां उन्होंने किस सेक्टर में निवेश किया है और बाजार को देखते हुए अब उनकी रणनीति क्या है।

सौरभ ने कहा बाजार में डिमांड के मामले में कोई कमजोरी नजर नहीं आती है क्योंकि ग्लोबल बाजारों से अच्छे संकेत नजर आ रहे और रिकवरी भी होती नजर आ रही है। टॉप लाइन ग्रोथ और लो इंटरेस्ट रेट के चलते डिमांड में कमी आने की संभावना बहुत कम है।

किस तरह के स्टॉक्स पोर्टफोलियो में हैं शामिल

सौरभ मुखर्जी ने कहा कि अगले 12 महीनें उन्हें फाइनेंशियल सेक्टर के बहुत अच्छे लगते हैं। इसमें तेजी रहने की पूरी संभावना है। उनके एसेट मैनेजमेंट में एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज स्टॉक कई सालों से हमारे पोर्टफोलियो में शामिल हैं इसके अलावा अब हमने ने आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज में भी अपना एक्सपोजर बढ़ाया है। इसलिए हमें लगता है आगे भी ये स्टॉक्स अच्छा मुनाफा कमाकर देंगे।

अपने सेक्टर में दबदबा और पैठ रखने वाली कंपनियों में लगाते हैं पैसा

मार्केट में निवेश के लिए उन्होंने कहा कि हमारा फोकस दिग्गज और लार्ज कैप कंपनियों पर ही हम दांव लगाने पर यकीन करते हैं। हमारे फंड मैनेजमेंट में कई सालों एशियन पेंट कंपनी के स्टॉक शामिल हैं। ये ऐसी कंपनी है जो अपने नजदीकी प्रतिस्पर्धी से करीब 3 गुना बड़ी है लिहाजा हम अपने सेक्टर में पैठ और दबदबा रखने वाली कंपनियों में निवेश की रणनीति पर काम करते हैं।

अगले 1 साल में स्पेशालिटी केमिकल्स और फार्मा में बनेंगे पैसे

इसके अलावा पिछले 1 साल से हमने अपने पोर्टफोलियो में स्पेशालिटी केमिकल और स्पेशालिस्ट फार्मास्यूटिकल्स कंपनियों को भी शामिल किया है जिनके पास प्राइसिंग की काबिलियत । स्टॉक पर बात करें तो इस सेक्टर से हमने डिवीज लैब, जीएमएम फोडलर, अल्कमाइन आदि कंपनियों में निवेश किया है। इस सेक्टर में पिछले 12 महीनों में पैसे बने हैं और हमें लगता है कि अगले 12 महीनों तक इसमें और पैसे बनेंगे।

देश में एक साथ ये 3 चीजें हो रही हैं जो पहले कभी नहीं हुई

सौरभ ने कहा इस भारत में एक साथ ऐसी तीन चीजें हो रही हैं जो पूरी दुनिया  में कभी नहीं हुई है जिसमें पहली ये है कि भारत की नेटवर्किंग हो रही है जैसे देश को एयरलाइंस, ब्रॉडबैंड, मोबाइल नेटवर्क आदि से जोड़ा जा रहा है। दूसरे टेक्नोलॉजी तक पहुंच बन रही है अब अच्छी से अच्छी टेक्नोलॉजी छोटी कंपनियों के पास भी उपलब्ध है और तीसरी बात ये है कि ब्लैक मनी पर अटैक हो रहा है।

सप्लाई चैन और रिटेल महंगाई चिंता का विषय

मुखर्जी ने अपनी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए बाजार में सप्लाई चैन और महंगाई पर फंड मैनेजर का कोई कंट्रोल नहीं होता है। इसलिए इस सेक्टर में चिंता बढ़ने से फंड पर थोड़ा असर दिखाई दे सकता है। अगर रिटेल महंगाई बढ़ेगी तो ब्याज भी महंगा हो सकता है। हमें लगता है कि अगले 6-8 महीनों में ब्याज दरें बढ़ सकती है। वहीं कई इंडस्ट्री में सप्लाई की दिक्कत भी एक चुनौती बनी हुई है। कई सेक्टर में स्पेशल या क्रिटिकल रॉ मटेरियल की किल्लत बनी हुई है। कोविड के कारण उपजे हुए सेमी कंडक्टर और पेट्रोलियम सेक्टर में सप्लाई की कमी से चिंताएं बढ़ सकती हैं।

कभी नहीं किया किसी पीएसयू स्टॉक में निवेश

सौरभ मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने फंड मैनेजर के रूप में कभी भी किसी पीएसयू में निवेश नहीं किया। इसका कारण पूछने पर उन्होंने दिलचस्प जवाब देते हुए कहा कि रकारी कंपनियों में ज्यादातर सरकार का होल्ड रहता है। सरकार का काम देश और देशवासियों की सेवा करना होता है और हमारा मानना है कि कुछ हद तक ये सही भी है। इसलिए हम मुनाफा कमाने के लिए सरकारी कंपनियों से दूर रहते हैं और प्राइवेट सेक्टर पर ही ज्यादा फोकस करते हैं।

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First Published: Oct 27, 2021 7:38 PM

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