Solar Industries Share Price: लंबी अवधि में प्राइवेट सेक्टर की डिफेंस कंपनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ( Solar Industries) के शेयरों में 55 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है। ये कहना है कि ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल। ब्रोकरेज फर्म ने इस स्टॉक पर Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरु की है। जिसके बाद आज शेयर इंट्राडे में 3 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया।
मोतीलाल ओसवाल ने सोलर इंडस्ट्रीज पर Buy रेटिंग दी है और ₹23,000 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो मौजूदा स्तर से 24% की बढ़त की संभावना दिखाता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि सोलर इंडस्ट्रीज द्वारा हाल ही में 'ओम्निया होल्डिंग्स' का अधिग्रहण करने से दक्षिण अफ्रीका और पड़ोसी बाजारों में उसकी स्थिति मजबूत हुई है और इससे अमोनियम नाइट्रेट के बैकवर्ड इंटीग्रेशन (कच्चे माल की आपूर्ति को नियंत्रित करने) में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कंपनी के सिर्फ विस्फोटक सामग्री के सप्लायर से एक इंटीग्रेटेड डिफेंस मैन्युफैक्चरर (रक्षा क्षेत्र की एकीकृत निर्माता कंपनी) बनने के बदलाव पर भी ज़ोर दिया।
ओम्निया के अधिग्रहण के बाद, मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2029 तक सोलर इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू मिक्स 78% इंडस्ट्रियल विस्फोटक बिज़नेस से और 22% डिफेंस सेक्टर से आएगा। उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-2030 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 43% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से और टैक्स के बाद मुनाफ़ा (PAT) 34% CAGR से बढ़ेगा।
मोतीलाल ओसवाल को यह भी उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक ओम्निया का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 के ₹13,300 करोड़ से बढ़कर ₹16,200 करोड़ हो जाएगा।
ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि सोलर इंडस्ट्रीज के डिफेंस बिज़नेस को अतिरिक्त पिनाका रेजिमेंट्स, रिप्लेनिशमेंट रॉकेट्स और एक्सपोर्ट डिमांड से फ़ायदा मिलता रहेगा। साथ ही, सफल ट्रायल के बाद भार्गवास्त्र के ऑर्डर, 155 mm गोला-बारूद के घरेलू और एक्सपोर्ट ऑर्डर, और NATO व रूसी एयरक्राफ्ट के लिए 125 kg एयर बम के ऑर्डर से भी फ़ायदा होगा। डिफेंस सेगमेंट में ऑर्डर मिलने की रफ़्तार वित्त वर्ष 2026-2030 के दौरान 29% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
बुल केस रन में लगाएगा लंबी छलांग
अपने "बुल केस" (बेहतर संभावना वाले) सिनेरियो के तहत, मोतीलाल ओसवाल को अपने "बेस केस" (सामान्य अनुमान) की तुलना में 15% ज्यादा मुनाफा और 10% ज्यादा मल्टीपल की उम्मीद है। इसमें डिफेंस सेगमेंट के ऑर्डर बुक को तेजी से पूरा करने और अमोनियम नाइट्रेट की ज्यादा कीमतों को ध्यान में रखा गया है, जिससे ज्यादा कमाई (रियलाइज़ेशन) होगी। ₹28,800 का 'बुल केस' प्राइस टारगेट मौजूदा लेवल से 55% की बढ़त की संभावना दिखाता है।
मोतीलाल ओसवाल के अनुमानों के लिए मुख्य जोखिम ऑर्डर मिलने में देरी, बड़े प्लेटफॉर्म ऑर्डर पाइपलाइन को अंतिम रूप देने में देरी, या अफ्रीकी बाजार में ज्यादा मौजूदगी के कारण देश-विशेष से जुड़े जोखिम हो सकते हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि सब्सिडियरी कंपनियों का खराब प्रदर्शन और करेंसी में तेज उतार-चढ़ाव भी कुल मार्जिन पर असर डाल सकते हैं।
अभी 20 एनालिस्ट सोलर इंडस्ट्रीज को कवर करते हैं, जिनमें से 16 की रेटिंग "Buy" रेटिंग दी है। जबकि 3 की "होल्ड" और एक की रेटिंग "Sell" की है। प्राइस टारगेट के आम अनुमान के मुताबिक, स्टॉक में मौजूदा लेवल से 17% की बढ़त की संभावना है।
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