Thermax share price: भारी इलेक्ट्रिक उपकरण बनाने वाली कंपनी थर्मेक्स (Thermax) के शेयर में शुक्रवार 6 नवंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 17 फीसदी लुढ़क गया। स्टॉक में यह गिरावट कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों ने निवेशको को निराश किया है। यहीं कारण है कि शेयर की कीमत इंट्राडे में ₹2,744.20 के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। स्टॉक 29 जून 2026 को बने ₹5,277 के 52-हफ्ते के उच्च स्तर से 46 फीसदी नीचे आ गया है।
कंसोलिडेटेड आधार पर, थर्मैक्स का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.2% घटकर ₹115 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹120 करोड़ था।
इस तिमाही में रेवेन्यू 11.4% बढ़कर ₹2,756 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹2,474 करोड़ था। EBITDA सालाना आधार पर 12.8% बढ़कर ₹194 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹172 करोड़ था।
EBITDA मार्जिन लगभग स्थिर रहकर 7% रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 6.9% था।
कंपनी ने बताया कि इनपुट कॉस्ट (लागत) बढ़ने और 'इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स' सेगमेंट में प्रोडक्ट मिक्स अनुकूल न होने के कारण मुनाफे पर असर पड़ा। इसके अलावा, कंपनी ने अपने 'ग्रीन सॉल्यूशंस' सेगमेंट में ₹15 करोड़ का अतिरिक्त 'इम्पेयरमेंट प्रोविजन' (मूल्य में कमी के लिए प्रावधान) भी किया है।
सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन
'इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स' सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.3% बढ़ा। हालांकि, इसका EBIT मार्जिन 6.1% रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग स्थिर है, लेकिन पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 370 बेसिस पॉइंट्स कम है।
'इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर' सेगमेंट के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.6% की बढ़ोतरी हुई। इसका EBIT मार्जिन सुधरकर 5.6% हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह -8.3% और Q2FY26 में 0% था।
स्टॉक पर क्या है ICICI सिक्योरिटीज की राय
ICICI सिक्योरिटीज के अनुसार, थर्मैक्स का ऑपरेटिंग प्रदर्शन कमजोर रहा, क्योंकि रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी का असर मुनाफे में उस तरह से नहीं दिखा। साल-दर-साल रेवेन्यू में 11.4% की वृद्धि के बावजूद, कच्चे माल और कर्मचारियों की लागत बढ़ने तथा प्रोडक्ट मिक्स के प्रतिकूल रहने के कारण ऑपरेटिंग लीवरेज सीमित रहा। इसके अलावा, 'ग्रीन सॉल्यूशंस' सेगमेंट में 15 करोड़ रुपये के 'इम्पेयरमेंट प्रोविजन' (संपत्ति के मूल्य में कमी के लिए प्रावधान) और इस सेगमेंट में लगातार हो रहे नुकसान ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाला। साथ ही, 'इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स' और 'केमिकल्स' सेगमेंट में मुनाफे की गिरावट भी चिंता का विषय बनी हुई है।
ऑर्डर बैलेंस में साल-दर-साल 15.9 प्रतिशत की वृद्धि से रेवेन्यू की स्पष्टता मिलती है। हालाांकि, ऑर्डर बुकिंग में 8.2 फीसदी की गिरावट नए ऑर्डर मिलने की गति को लेकर चिंता पैदा करती है। भले ही इंडस्ट्रियल इंफ्रा के मुनाफे में सुधार आया है, लेकिन कुल मिलाकर अलग-अलग सेगमेंट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार और नए ऑर्डर का आना ये कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर नजर रखना जरूरी है।
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