Nifty Outlook: 25 मई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से फैक्टर रहेंगे अहम? एक्सपर्ट्स से जानिए
Nifty Outlook: 25 मई को निफ्टी की दिशा पश्चिम एशिया से आने वाली खबरों, मंथली F&O एक्सपायरी और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय हो सकती है। एक्सपर्ट्स ने निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर बताए हैं। जानिए हर एक पहलू।
HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का मौजूदा ट्रेंड उतार-चढ़ाव वाला है।
Nifty Outlook: पश्चिम एशिया को लेकर ऐसी शांति समझौते की उम्मीदें पहले भी कई बार जगी हैं और बाद में खत्म हो गई हैं। लेकिन, इस बार निफ्टी में तेजी की उम्मीद वाले निवेशक चाहेंगे कि बातचीत किसी ठोस समझौते तक पहुंचे। ताकि आगे की स्थिति को लेकर साफ तस्वीर सामने आए।
हालांकि अभी दोनों पक्षों यानी अमेरिका और ईरान ने किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसकी शर्तें भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए अनिश्चितता बनी हुई है।
निफ्टी को चाहिए स्पष्ट संकेत
पिछले करीब डेढ़ महीने से निफ्टी 500 अंकों के दायरे में फंसा हुआ है। ऐसे में अगर अमेरिका और ईारन की बातचीत का नतीजा सकारात्मक रहता है और बाजार को कुछ स्पष्ट संकेत मिलते हैं, तो इंडेक्स के लिए पहले 24,800 के स्तर को पार करना आसान हो सकता है।
यह वही स्तर है जिसे निफ्टी पिछले पूरे सप्ताह टिकाकर नहीं रख पाया था। इसके बाद बाजार की नजरें अगले अहम तकनीकी स्तरों पर होंगी।
समझौते से बाजार को कैसे मिलेगा फायदा?
अगर अमेरिका और ईरान की बातचीत सफल रहती है, तो इसका बाजार पर कई तरह से सकारात्मक असर पड़ सकता है। सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है, जो भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर होगी।
इसके अलावा हाल के दिनों में दबाव झेल रही रुपये की कीमत और बॉन्ड यील्ड में भी सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला VIX भी नीचे आ सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
इस हफ्ते F&O एक्सपायरी भी अहम
आने वाला सप्ताह निफ्टी के लिए मंथली F&O एक्सपायरी का भी सप्ताह है। NSE के कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी मंगलवार को होगी, जबकि BSE के कॉन्ट्रैक्ट्स गुरुवार को समाप्त होंगे। ऐसे में पश्चिम एशिया से आने वाली खबरों के साथ-साथ ट्रेडर्स की पोजिशनिंग भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
निफ्टी के लिए कौन-से स्तर महत्वपूर्ण?
फिलहाल निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर नीचे की तरफ अहम सपोर्ट और 24,000 का स्तर ऊपर की तरफ महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। हालांकि एक सकारात्मक संकेत यह भी है कि बीते पूरे सप्ताह निफ्टी हर कारोबारी दिन 24,500 के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
इससे माना जा रहा है कि बाजार का आधार पहले के मुकाबले मजबूत हुआ है। अब तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों की नजर पहले 24,800 के स्तर को पार करने और उसके ऊपर टिकने पर होगी।
सोमवार को नतीजे जारी करेंगी ये कंपनियां
सोमवार को कई कंपनियां अपने मार्च तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। इनमें Aarti Pharma Labs, Aditya Birla Fashion & Retail, BlueJet Healthcare, CONCOR, NBCC, Nesco, Pace Digitek, Hitachi Energy India, RVNL, Surya Roshni और Suzlon Energy शामिल हैं।
इन शेयरों पर भी रहेगी बाजार की नजर
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन हिंदाल्को, आयशर मोटर्स, टोरेंट फार्मा, कोलगेट-पामोलिव, इंडिगो पेंट्स समेत कई कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया भी देखने को मिलेगी। ऐसे में ये शेयर सोमवार के कारोबार में निवेशकों और ट्रेडर्स के फोकस में रह सकते हैं।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि पोजिशनल ट्रेडर्स के लिए निफ्टी का 50-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,700 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन रहेगा। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहेगा, तब तक बाजार में सकारात्मक माहौल बने रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ 23,850 का स्तर पहली बड़ी बाधा बन सकता है। अगर इंडेक्स इस स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो यह 24,000 से 24,200 के दायरे तक पहुंच सकता है।
23,900 के ऊपर बढ़ सकती है तेजी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का मौजूदा ट्रेंड उतार-चढ़ाव वाला जरूर है, लेकिन रुख अभी भी तेजी की तरफ बना हुआ है। उनका मानना है कि अगर इंडेक्स 23,850 से 23,900 के दायरे के ऊपर निकलता है, तो बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिल सकती है।
शेट्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति में निफ्टी निकट अवधि में 24,150 के स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं, अगर बाजार में कुछ कमजोरी आती है, तो 23,600 का स्तर मजबूत सहारा दे सकता है।
निफ्टी बैंक ने दिखाई बेहतर मजबूती
पिछले सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुए निफ्टी बैंक के लिए सबसे सकारात्मक बात यह रही कि वह 54,000 के स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा। निफ्टी जहां 23,800 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं हो पाया, वहीं बैंकिंग इंडेक्स ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
फिलहाल निफ्टी बैंक 53,000 से 54,000 की रेंज के ऊपरी हिस्से में कारोबार कर रहा है। ऐसे में तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों की नजर अब 54,500 के अगले लक्ष्य पर रहेगी।
निफ्टी बैंक के लिए कौन-से स्तर महत्वपूर्ण?
सैमको सिक्योरिटीज के ओम मेहरा के अनुसार, नीचे की तरफ 53,700 का स्तर पहला अहम सपोर्ट रहेगा। इसके नीचे 53,450 का स्तर अगला मजबूत सहारा बन सकता है। दूसरी तरफ 54,500 का स्तर पहला रेजिस्टेंस होगा और इसके बाद 54,750 का स्तर महत्वपूर्ण माना जाएगा।
उनका कहना है कि अगर निफ्टी बैंक 54,600 के अहम जोन के ऊपर बंद होने में कामयाब रहता है, तो रिकवरी और मजबूत होगी। फिर इंडेक्स के लिए ऊंचे स्तरों की राह खुल सकती है।
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