Moneycontrol » समाचार » म्यूचुअल फंड विश्लेषण

स्टॉक की पिटाई का म्युचुअल फंड पर असर, क्या करें निवेशक

कुछ स्टॉक ऐसे होते हैं, जिनकी गिरावट से शेयरधारक की जेब तो खाली होती ही है म्युचुअल फंड की परफॉर्मेंस पर भी असर होता है।
अपडेटेड May 31, 2018 पर 12:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तो रहता ही है, लेकिन कभी-कभी, कुछ स्टॉक ऐसे होते हैं, जिनकी गिरावट से शेयरधारक की जेब तो खाली होती ही है, म्यूचुअल फंड की परफॉर्मेंस पर भी असर होता है। कौन से हैं वो स्टॉक जिनकी पिटाई की वजह से म्यूचुअल फंड  के फंड मैनेजर के पसीने निकले, और शेयर होल्डर के मुकाबले म्यूचुअल फंड निवेशक को कितना नुकसान हुआ। योर मनी आज आपको ये पूरी कहानी बताएगा और साथ ही, म्यूचुअल फंड निवेशक होने के नाते क्या है आपके लिए राहत की बात क्या हो सकती है इसपर भी चर्चा करेंगे, जिसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं आनंदराठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज।


मनपसंद बेवरेजेज का शेयर आज फिर 20 फीसदी नीचे है। पिछले 2 दिन में मनपसंद बेवरेजेज में 40 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। जोरदार पिटाई के बाद मनपसंद बेवरेजेज बेस्वाद नजर आ रहा है। कल से इस शेयर में लोअर सर्किट लग रहा है। कंपनी के ऑडिटर डेलाइट हास्किन के इस्तीफे के बाद से ही इस शेयर की पिटाई शुरु हुई है।


मनपसंद बेवरेजेज का शेयर में गिरावट के कारण एसबीआई मैग्नम मिडकैप 0.85 फीसदी, एसबीआई मैग्नम लार्ज & मिडकैप में 1.11%, एसबीआई मैग्नम कंजपशन फंड 1.70% औऱ एमओएफएसएल फोकस्ड मल्टीकैप 35 में 0.7 फीसदी की गिरावट आई है।                         
पीएनबी बैंक के स्टॉक्स में लगातार गिरावट आई है। पीएनबी बैंक में 15 दिन में 40% पिटाई हुई है। पीएनबी के पिटाई के कारण एबीएसएल फ्रंटलाइन में -0.48%, डीएसपीबीआर इक्विटी में -1.44% और एचडीएफसी इक्विटी में 2.60% घटा है।


यूएसएफडीए की आपत्तियों से ल्यूपिन में पिटाई हुई है। ल्यूपिन में स्टॉक में 19 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई है। वहीं सेबी की जांच के बाद वक्रांगी शेयर में 52 फीसदी की गिरावट हुई है। 25 जनवरी से 2 फरवरी तक  वक्रांगी शेयर में 242 रुपये गिरावट आई है। ऑडिटर पीडब्ल्यूसी ने कंपनी पर चिंता जताई है।


स्टॉक में गिरावट के बाद म्यूचुअल फंड पर असर से निवेशक नहीं घबराएं। उतार चढ़ाव से म्यूचुअल फंड में गिरावट होती है। 1 से 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट मुमकिन नहीं है। फंड मैनेजर फंड के निवेश पर काम करते हैं। म्यूचुअल फंड में स्टॉक के मुकाबले जोखिम कम होता है। म्यूचुअल फंड निवेशक के मुकाबले शेयरधारकों को ज्यादा नुकसान होता है। म्यूचुअल फंड में निवेशक फंड में बने रहें।