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बाजार की उड़ान से निवेश में गिरावट, फंड में निवेश रखें जारी!

बाजार की इस तेजी में म्युचुअल फंड निवेशक अकसर इस असमंजस में रहते हैं कि फंड से निकल जाएं या बने रहें।
अपडेटेड Jan 24, 2018 पर 19:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की इस तेजी में म्युचुअल फंड निवेशक अकसर इस असमंजस में रहते हैं कि फंड से निकल जाएं या बने रहें। बाजार की तेजी अगर गिरावट में तब्दील हो गई तो कहीं नुकसान ना खा बैठें। म्युचुअल फंड में निवेश से जुडे इसी धारणा को या मकसद को समझाना चाहता है। और हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं एटिका वैल्थ मैनेजमेंट के गजेंद्र कोठारी।


गजेंद्र कोठारी का कहना है कि बाजार की तेजी में फंड नीति जरुरी होती है। बाजार अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है। लक्ष्य अगर 1-2 साल दूर तो मुनाफा लेकर निकल जाएं। इस रकम को डेट फंड में निवेश करें। अगर लक्ष्य 10-20 साल दूर है तो हाजार में बने रहें। पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन पर ध्यान दें। इक्विटी निवेश से लक्ष्य पूरा तो आगे डेट में निवेश करें।


सवालः आईसीआईसीआई फोकस्ड ब्लूचिप फंड, मिरए इमर्जिंग ब्लूचिप, फ्रैंकलिन स्मॉलर कंपनीज सहित कुछ और फंड्स में निवेश जारी है। 15 साल के लिए निवेश जारी रखने का विचार है। पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करना है और 50 लाख का टर्म प्लान भी है?


गजेंद्र कोठारी: पोर्टफोलियो में 32 फीसदी निवेश मिडकैप और स्मॉलकैप फंड में है। मिडकैप और स्मॉलकैप बहुत हाई वैल्यूएशन पर है। इन फंड्स से हुए मुनाफे को लिक्विड फंड में डालें। वैल्यूएशन नीचे आने पर दोबारा फंड खरीदें। पोर्टफोलियो में अन्य किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। निवेश जारी रख सकते हैं।



सवालः म्युचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश करें या एजेंट के जरिए?


गजेंद्र कोठारी: म्युचुअल फंड में ऑनलाइन या एजेंट दोनों के जरिए निवेश सही है। सुविधा के हिसाब से निवेश का जरिया चुनें। पहली बार निवेश कर रहें हैं तो एडवाइजर से सलाह लें। रिस्क, लक्ष्य, अवधि के हिसाब से एडवाइजर गाइड करेगा। जागरुक निवेशक होने पर एडवाइजर की जरूरत नहीं होती है। जागरुक निवेशक से मतलब है कि आपको बाजार की जानकारी होनी चाहिए।