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फंड में अनक्लेम्ड पैसा, कैसे उठाएं फायदा!

बचत और निवेश में फर्क होता है। सिर्फ सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करने से आपके सपने पूरे नही होंगें।
अपडेटेड Nov 24, 2017 पर 14:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बचत और निवेश में फर्क होता है। सिर्फ सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करने से आपके सपने पूरे नही होंगे। इन्हें सही जगह निवेश भी करना जरूरी है और इसी का रोडमैप आपको बताता है योर मनी। म्युचुअल फंड में निवेश तो हम कर लेते हैं, लेकिन अगर किसी वजह से आपके निवेश किए गए पैसे को क्लेम ना कर पाएं हों, तो उस निवेश का क्या होगा? क्या आपको वो रकम मिलेगी या फंड हाउस उसे पचा लेंगे। हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं बोनांजा पोर्टफोलियो के अचिन गोयल। 


अचिन गोयल का कहना है कि अनक्लेम्ड फंड, वो फंड है जो रिडेंप्शन या डिविडेंड रिडीम ना हुआ हो। फंड हाउस और बैंक डिटेल का मेल ना खाना अनक्लेम्ड फंड में आता है। साथ ही चेक क्लियर ना होना। यूनिट होल्डर के निधन की जानकारी फंड हाउस को ना देना यह सब अनक्लेम्ड फंड में आता है।


सेबी के नियमों के मुताबिक यूनिट क्लेम ना करने पर फंड हाउस की वेबसाइट पर डिटेल होना चाहिए। यूनिट होल्डर का नाम, पता, फंड का नाम और अनक्लेम्ड राशि की जानकारी होनी चाहिए। ड्यू डेट के 3 साल के अंदर क्लेम पर- अनक्लेम्ड राशि और कमाई मिलेगी। 3 साल के बाद क्लेम पर अनक्लेम्ड राशि और 3 साल तक की कमाई लौटाई जाएगी।


बता दें कि चेक क्लेम करने के लिए फंड हाउस की वेबसाइट पर जाये। सीएएमएस या कार्वी के पास भी अनक्लेम्ड यूनिट की जानकारी होती है। पेन, मोबाइल, फोलियो नंबर की जरूरत होती है।


निवेश की राशि को क्लेम करने के लिए फंड हाउस के पास अनक्लेम्ड राशि लेने के लिए फॉर्म भरना पड़ेगा। सीएएमएस या कार्वी के सर्विस सेंटर पर भी ये फॉर्म मिलेगा। कैंसल्ड चेक, बैंक स्टेटमेंट, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी रखें।


निधन हो जाने पर क्लेम करने के लिए नॉमिनी का लेटर, यूनिट होल्डर का डेथ सर्टिफिकेट, गजेट ऑफिस से अटेस्टेड अपने पास रखें। इतना ही नहीं नॉमिनी का केवायसी और बैंक खाते की जानकारी भी रखें।