Moneycontrol » समाचार » म्यूचुअल फंड विशेषज्ञ

योर मनी: बाजार हुआ पस्त, म्युचुअल फंड निवेश है मस्त

सवाल यही है कि म्युचुअल फंड स्कीम की एसआईपी का क्या होगा, इसी पर है फोकस।
अपडेटेड Oct 17, 2018 पर 09:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लिक्विड फंड और इनकम स्कीम में से निकासी की वजह से म्युचुअल फंड के एसेट बेस में 12.5 फीसदी की गिरावट आई है। म्युचुअल फंड का एसेट बेस अगस्त महीने के 25.20 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले सितंबर में 22 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। म्युचुअल फंडों की स्कीम में से लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये का आउटफ्लो देखने को मिला है। ऐसे में सवाल यही है कि म्युचुअल फंड स्कीम की एसआईपी का क्या होगा, इसी पर है फोकस। हमारी मदद कर रहे हैं वाइज इन्वेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ, हेमंत रुस्तगी


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि इक्विटी बाजार में गिरावट से घबराएं नहीं और फंड के प्रदर्शन की तुलना कैटेगरी के बाकी फंड से करें। प्रदर्शन बाकी फंड से खराब हो तो फंड से निकलने का विचार करें। अगर लक्ष्य पूरा होने में समय है तो फंड में बने रहें। पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइ करें। वहीं, अगर लक्ष्य नजदीक है तो इक्विटी से निवेश निकालकर डेट में पैसा लगाएं। साथ ही इंटरनेशनल फंड को भी पोर्टफोलियो में शामलि कर सकते हैं। यूएस के बाजार से जुड़े फंड में निवेश करें।


हेमंत रुस्तगी ने लार्जकैप फंड में निवेश के लिए रिलायंस लार्जकैप, आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्रंटलाइन इक्विटी और आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल ब्लूचिप पर फोकस करने की सलाह दी है। मल्टीकैप फंड में मिरे एसेट इक्विटी, कोटक स्टैंडर्ड मल्टीकैप और इन्वेस्को कॉन्ट्रा में निवेश करने की सलाह दी है। मिडकैप फंड में एचडीएफसी मिडकैप अपॉर्च्यूनिटीज, कोटक इमर्जिंग इक्विटी और एलएंडटी मिडकैप फंड में निवेश करने की सलाह दी है। स्मॉलकैप फंड में एचडीएफसी स्मॉलकैप, रिलायंस स्मॉलकैप और फ्रैंकलिन इंडिया स्मॉलर कंपनीज में निवेश करने की सलाह दी है।